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नबान्नो अभियान हिंसा मामला पहुंचा उच्च न्यायालय

नबान्नो अभियान हिंसा मामला पहुंचा उच्च न्यायालय
-कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता सरकार से रिपोर्ट तलब की है,गृह सचिव को 19 सितंबर तक रिपोर्ट देने का आदेश दिया है
– बंगाल भाजपा प्रभारी मंगल पांडे ने कहा ममता सरकार डर गई है और अगर उनके लिए अच्छा है
अशोक झा, सिलीगुड़ी:
पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रभारी मंगल पांडेय ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा बीजेपी के नबान्नो अभियान से बंगाल सरकार डर का बौखला गई है और इसलिए बल का प्रयोग किया जा रहा है। बीजेपी डरने वाली नहीं’
मंगल पांडेय ने ट्वीट कर लिखा, ‘ममता बनर्जी की दमनकारी नीतियों और डराने की राजनीति से बीजेपी के कार्यकर्ता डरने वाले नहीं। नबान्नो अभियान से ममता सरकार डर कर बौखला गयी है इस अभियान को रोकने के लिए बंगाल पुलिस का बल प्रयोग करने से बीजेपी का जोश कम होने वाला नहीं। बंगाल की जनता जवाब देगी।ममता बनर्जी की दमनकारी नीतियों और डराने की राजनीति से BJP के कार्यकर्ता डरने वाले नहीं। नबान्नो अभियान से ममता सरकार डर कर बौखला गयी है इस अभियान को रोकने के लिए बंगाल पुलिस का बल प्रयोग करने से BJP का जोश कम होने वाला नहीं। बंगाल की जनता जवाब देगी।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासनकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ बीजेपी के नबान्न अभियान
 के दौरान आगजनी और धारा 144 तोड़ने सहित विभिन्न मामलों को लेकर भाजपा समर्थकों पर 6 एफआईआर दर्ज किये गये हैं।
इसमें पुलिस की गाड़ी को नुकसान पहुंचाने, बड़ाबाजार में पुलिस अधिकारी का हाथ तोड़ने और धारा 144 तोड़ने के मामले शामिल हैं। पुलिस ने भाजपा के नबान्न अभियान के दौरान कुल 90 लोगों को गिरफ्तार की है। इसमें 27 महिलाएं हैं, जबकि भाजपा समर्थकों द्वारा पत्थरबाजी में 27 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। दूसरी ओर, नबान्न अभियान के दौरान बवाल को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता सरकार से रिपोर्ट तलब की है। गृह सचिव को 19 सितंबर तक रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। दूसरी ओर, पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कल भाजपा पूरे राज्य में काला दिवस का पालन करेगी। बता दें कि नबान्न अभियान के दौरान कोलकाता और हावड़ा में भाजपा समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई थी। भाजपा समर्थकों को ईंट और पत्थरबाजी के आरोप लगे थे, तो पुलिस ने भी जमकर लाठियां बरसाईं थीं। वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दागे थे।
बीजेपी ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ किया केस

दूसरी ओर, बीजेपी ने शांतिपूर्ण जुलूस को रोकने और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव ने राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है। गृह सचिव कोर्ट को रिपोर्ट देंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी गिरफ्तार लोगों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान भाजपा के वकील ने पूछा, ”पुलिस ने शांतिपूर्ण मार्च क्यों रोका?” आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा के पार्टी कार्यालय में घुस गई। पुलिस पर जुलूस में बाधा डालने का आरोप लगाया। यह भी दावा किया गया कि पार्टी के शीर्ष नेताओं को महिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

वादी की ओर से वकील सुबीर सनल ने दावा किया कि पार्टी कार्यालय की सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने अनुरोध किया कि राज्य से रिपोर्ट मांगी जाए कि शांतिपूर्ण जुलूस को क्यों रोका गया ? याचिकाकर्ता ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को ट्रेन या बस से भी नहीं आने दिया गया। सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल ने कहा कि हावड़ा मैदान क्षेत्र, संतरागाछी, कोना एक्सप्रेस बड़ी सभाओं, कारों आदि नहीं हो सकता है, क्योंकि हावड़ा के इस इलाके में धारा 144 लागू है. एमजी रोड पर पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ की। हावड़ा में एक पोस्ट को उखाड़ दिया गया। कम से कम 50 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस शांतिपूर्ण मार्च में कई पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। एक पुलिसकर्मी का हाथ टूट गया है। पुलिस ने बाध्य होकर कार्रवाई की है। नबन्ना अभियान’ में शामिल होने के लिए राज्य भर से बीजेपी समर्थक सुबह ही हावड़ा और कोलकाता पहुंचना शुरू हो गए। बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने वामपंथियों भी इस अभियान में शामिल होने का आह्वान किया था। पश्चिम बंगल पुलिस ने बीजेपी को नबन्ना चलो अभियान के लिए अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद बीजेपी ने ये मार्च निकाला। बीजेपी कार्यकर्ताओं को कोलकाता जाने से रोकने के लिए पुलिस ने उन पर पानी से बौछार और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया।

ये विरोध मार्च राज्य सचिवालय तक निकाले जाने का एलान किया था। इस दौरान इस रैली में हावड़ा मैदान से बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने नेतृत्व किया, संतरागाछी से बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी और कॉलेज स्ट्रीट से बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने नेतृत्व किया। बीजेपी ने उत्तर और दक्षिण बंगाल से अपने समर्थकों को ‘नबान्न’ तक विरोध मार्च के लिए लाने के लिए सात ट्रेन किराए पर ली थीं। मार्च के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प के चलते बंगाल के कुछ हिस्से संघर्ष के मैदान में बदल गए। झड़प में कई पुलिस अधिकारी और बीजेपी नेता मीना देवी पुरोहित व स्वप्न दासगुप्ता समेत पार्टी के कई सदस्य घायल हो गए। बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेन्दु अधिकारी, हुगली से पार्टी सांसद लॉकेट चटर्जी और वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा बीजेपी द्वारा तृणमूल कांग्रेस शासन के कथित भ्रष्टाचार के विरोध में निकाले गए मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों में शामिल हैं। शुभेन्दु अधिकारी ने जेल वैन में ले जाए जाने से पहले संवाददाताओं से कहा, ‘सभी ने देखा कि कैसे पक्षपाती पुलिस ने नबान्न के बाहर विरोध करने के विपक्ष के एक नेता के लोकतांत्रिक अधिकार को खत्म करने की कोशिश की। एक महिला कांस्टेबल ने मेरे साथ हाथापाई की, लोगों ने उसे भी देखा। संतरागाछी में पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने की कोशिश की, तो पुलिस को पथराव का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की जद्दोजहद में एक पुलिस कियोस्क क्षतिग्रस्त हो गई। इसी तरह के दृश्य हावड़ा, कोलकाता के लालबाजार और एमजी रोड इलाकों में देखे गए, जहां प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए। लालबाजार में पुलिस की एक गाड़ी में आग लगा दी गई।कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘किसी भी प्रदर्शनकारी के गंभीर रूप से घायल होने की कोई खबर नहीं है, हालांकि कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। विरोध प्रदर्शनों के बीच शहर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जिससे आम लोगों को सड़कों पर भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने रैली को आगे बढ़ने से रोके जाने पर हावड़ा में धरना दिया। उन्होंने कहा, ‘यह निरंकुश ममता बनर्जी सरकार विपक्षी दलों को जगह देने में विश्वास नहीं करती है। मजूमदार ने यह भी दावा किया कि यह शर्म की बात है कि पुलिस पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ‘उनमें से कुछ पुलिसकर्मी सत्तारूढ़ टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) की कठपुतली बन गए हैं। बीजेपी की वरिष्ठ नेता अग्निमित्रा पॉल को हावड़ा मैदान में एक विरोध स्थल से हिरासत में ले लिया गया। बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने हावड़ा पुल के पास प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व किया। वह अपनी पार्टी के समर्थकों पर लाठीचार्ज के बीच स्थल से चले गए। घोष ने कहा, ‘इस जंगल राज के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। टीएमसी ने एक ट्वीट में कहा, ‘बीजेपी के कार्यकर्ता या गुंडे.’ पार्टी ने ट्विटर पर कहा, ‘सरकारी संपत्ति को नष्ट करना और नुकसान पहुंचाना, पुलिसकर्मियों पर हमला करना, अराजकता पैदा करना और राज्य में शांति भंग करना- बीजेपी की आज की गतिविधियों ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया। हम इस तरह के ओछे व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं। टीएमसी (TMC) प्रवक्ता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि बीजेपी (BJP) विरोध की आड़ में परेशानी पैदा कर रही है। उन्होंने कहा, ‘यह त्योहारी सीजन में पश्चिम बंगाल को अस्थिर करने के लिए एक बड़े गेम प्लान का हिस्सा है। यह लोकतांत्रिक आंदोलन नहीं है, यह गुंडागर्दी है। रिपोर्ट अशोक झा

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