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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में सूटर की गिरफ्तारी पर अपना- अपना दाबा

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में सूटर की गिरफ्तारी पर अपना- अपना दाबा
-पंजाब पुलिस का दबा बंगाल और दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार 
-मुसेवाला हत्याकांड के मास्टर माइंड गोल्डी बराड़ ने गिरफ्तारी को नेपाल पुलिस की कामयाबी बताया
अशोक झा, सिलीगुड़ी: पंजाब पुलिस ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल दीपक मुंडी, कपिल पंडित और राजिंदर को दिल्ली पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया है। इन तीनों को पश्मिम बंगाल और नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि मूसेवाला हत्याकांड में दीपक मोस्ट वांटेड था जबकि कपिल और राजिंदर हथियार मुहैया कराता था। पुलिस ने आगे बताया कि हत्या के समय दीपर बोलेरो कार में मौजूद था। मूसेवाला हत्याकांड में दीपक मुंडी अकेला वांटेड शूटर बचा था। वहीं गैंगस्टर कपिल पंडित पर हत्या और फिरौती के दर्जनों मामले दर्ज हैं। इसके उलटसिद्धू मुसेवाला हत्याकांड के मास्टर माइंड गोल्डी बराड़ ने फेसबुक पर पोस्ट लिख कर दावा किया है की नेपाल बॉर्डर से जो उसके करीबी और सिद्धू हत्याकांड में शामिल आरोपी दीपक मुंडी, कपिल और राजेंदर पकड़े गए हैं वो नेपाल पुलिस ने पकड़े हैं। 
इस पोस्ट के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। दिल्ली पुलिस और पंजाब पुलिस ने तीनों को नहीं पकड़ा है। गोल्डी बराड़ ने दीपक मुंडी, कपिल और राजेंदर की एक फोटो भी शेयर की है। गोल्डी बराड़ को डर है कहीं एनकाउंटर न हो जाए इसलिए ये भी लिख दिया है कि तीनों के साथ वही सलूक किया जाए जो कानून के हिसाब से होता है। इतना ही नहीं, लॉरेंस-गोलडी गैंग का दावा है कि नेपाल से गिरफ्तार तीनो आरोपी बिहार बॉर्डर से नेपाल में एंट्री किए थे। वहां नेपाल के गांव चंद्रगढ़ी के लोगो को लगा कि बच्चा चोर गांव में आ गए है, जिसके चलते तीनों पर जानलेवा हमला किया गया। तीनों छुपते छुपाते नेपाल के पुलिस स्टेशन झापा पहुंचे, जहां से जब सीनियर अधिकारियों को बताया गया तो पता चला कि तीनों तो हिंदुस्तान के मोस्ट वांटेड है। इसके बाद MHA से संपर्क किया गया और दिल्ली पुलिस और पंजाब पुलिस नेपाल पहुंची और दीपक मुंडी, पंडित और जोकर को गिरफ्तार किया गया। लॉरेंस गैंग का दावा है कि दिल्ली पुलिस और पंजाब पुलिस एक दूसरे को फूटे मूंह नहीं सुहाती और इस मामले में एक दूसरे की सहयोग की बात कर रही है।गोल्डी के लगातार संपर्क में था दीपक
स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक, दीपक मुंडी और कपिल पंडित लगातार गोल्डी बराड़ और अनमोल के संपर्क में थे। ऐप के जरिए गोल्डी और अनमोल इनको लगातार जगह बदलने की हिदायत दे रहा था। गोल्डी ने ही दीपक मुंडी को नेपाल जाने की सलाह दी थी। गोल्डी और अनमोल ने ही इनके नेपाल जाने और वहां ठहरने के लिए जगह मुहैया कराया था। स्पेशल सेल के सूत्रों का कहना है कि गोल्डी ने नेपाल में भी अपना नेटवर्क बना रखा है।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल छठा शूटर दीपक मुंडी गिरफ्तार

बता दें कि मूसेवाला हत्याकांड के लगभग 100 दिन बाद पंजाब पुलिस ने शनिवार को उनकी हत्या में कथित रूप से शामिल छठे और आखिरी शूटर को गिरफ्तार कर लिया। पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि दीपक उर्फ मुंडी अब तक पुलिस की आंख में धूल झोंक रहा था और केंद्रीय एजेंसियों के साथ एक संयुक्त अभियान के तहत उसे उसके दो सहयोगियों के साथ पश्चिम बंगाल-नेपाल सीमा से पकड़ा गया। यादव के मुताबिक, मुंडी के दोनों सहयोगियों की पहचान कपिल पंडित और राजिंदर के रूप में हुई है तथा दोनों के ऊपर आरोपियों को हथियार समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आरोप है।

पंजाब के DGP ने दी ट्वीट कर जानकारी

डीजीपी ने ट्वीट किया, ‘पंजाब पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए केंद्रीय एजेंसियों और दिल्ली पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान चलाकर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के फरार शूटर दीपक मुंडी को उसके दो सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर मादक पदार्थ और कुख्यात आरोपियों के खिलाफ जारी युद्ध में बड़ी जीत हासिल हुई है.’ उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘दीपक, कपिल पंडित और राजिंदर को शनिवार को पश्चिम बंगाल-नेपाल सीमा पर एजीटीएफ टीम द्वारा खुफिया अभियान के तहत गिरफ्तार किया गया है. दीपक बोलेरो में बैठे मूसेवाला को गोली मारने वालों में शामिल था, जबकि कपिल पंडित और राजिंदर ने हथियारों, ठिकाने सहित अन्य सहायता प्रदान की थी। 

29 मई को हुई थी मूसेवाला की हत्या

गौरतलब है कि पंजाब के मानसा जिले में 29 मई को सिद्धू मूसेवाला के नाम से मशहूर गायक शुभदीप सिंह सिद्धू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पंजाब सरकार द्वारा स्थायी तौर पर उनकी सुरक्षा वापस लिए जाने के एक दिन बाद यह घटना हुई थी। मूसेवाला अपने दोस्त और चचेरे भाई के साथ मानसा में स्थित जवाहर के गांव जा रहे थे, तभी छह आरोपियों ने उनके वाहन को रोका और गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी हत्या की जिम्मेदारी

इस हमले की जिम्मेदारी कनाडा स्थित लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान प्रियव्रत फौजी, कशिश, अंकित सेरसा, दीपक मुंडी, मनप्रीत सिंह और जगरूप सिंह रूपा के तौर पर की थी, जो कथित तौर पर हत्या में शामिल थे। दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने फौजी, कशिश और सेरसा को गिरफ्तार किया था, वहीं पंजाब पुलिस ने अमृतसर में हुई मुठभेड़ में रूपा और मनप्रीत को मार गिराया था। रिपोर्ट अशोक झा

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