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शारदा पीठ के शंकाराचार्य श्री स्वामी स्वरूपानंद हुए ब्रह्मलीन

 शारदा पीठ के शंकाराचार्य श्री स्वामी स्वरूपानंद हुए ब्रह्मलीन
99 साल की उम्र  तक  लड़ी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी कानूनी लड़ाई
अशोक झा, सिलीगुड़ी: द्वारका शारदा पीठ के शंकाराचार्य श्री स्वामी स्वरूपानंद जी अब इस दुनिया में नहीं रहे। 99 साल की उम्र में उन्होंने अपना शरीर त्याग दिया। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में झोतेश्वर धाम में स्वामी स्वरूपानंद ब्रह्मलीन हो गए।बताया जा रहा है कि आज दोपहर के वक्त उन्होंने अंतिम सांस ली।
जानिए स्वामी स्वरूपानंद जी के बारे में

– आपको बता दें कि 2 सितंबर 1924 को जन्मे स्वामी स्वरूपानंद लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वो बहुत कम ही मौकों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते थे।
– बता दें कि स्वामी स्वरूपानंद जी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी।

– 1300 साल पहले आदि गुरु भगवान शंकराचार्य ने हिंदुओं और धर्म के अनुयायी को संगठित करने और धर्म के उत्थान के लिए पूरे देश में 4 धार्मिक मठ स्थापित किए थे।

– इन्हीं चार मठों में से एक के शंकराचार्य जगतगुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती थे, जिनके पास द्वारका मठ और ज्योतिर मठ दोनों थे।

– स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जन्म 2 सितंबर 1924 को मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में जबलपुर के पास दिघोरी गांव में हुआ था। 9 साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़ कर धर्म यात्राएं शुरू की थी।

– अपनी यात्रा के दौरान वो काशी पहुंचे और यहां उन्होंने ब्रह्मलीन श्री स्वामी करपात्री महाराज वेद-वेदांग, शास्त्रों की शिक्षा ली। उस दौरान भारत को अंग्रेजों से मुक्त करवाने की लड़ाई में भी उनका योगदान रहा। रिपोर्ट अशोक झा

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