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#पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को नहीं मिली जमानत फिर 14 दिनों के लिए जेल!!

#पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को नहीं मिली जमानत फिर 14 दिनों के लिए जेल!!
-सहयोगी अर्पिता मुखर्जी की न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया गया 
अशोक झा, सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और एसएससी घोटाले में फंसे पार्थ चटर्जी की जमानत याचिका फिर खारिज हो गई है। बुधवार को उनकी बेल खारिज कर एक बार फिर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।इससे पहले शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पार्थ मुखर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी की न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया गया था। कोलकाता की एक अदालत ने एसएससी भर्ती घोटाले के सिलसिले में पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को 18 अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद जमानत की गुहार लगाई गई, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
हाल ही पार्थ चटर्जी और उनकी महिला मित्र अर्पिता मुखर्जी की दो कंपनियों के नाम पर 131 बैंक खातों का पता चला है। ईडी सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में पार्थ और अर्पिता की दो कंपनियों अपा यूटिलिटी सर्विस और अनंत टेक्सफैब प्राइवेट लिमिटेड के नौ बैंक खातों का पता चला था। एक हफ्ते पहले भी इन दोनों कंपनियों के मिले खातों की संख्या 60 थी, लेकिन दोनों कंपनियों के दस्तावेजों की जांच के बाद नए खाते और उनके जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आ रही है। अब बैंक खातों की संख्या बढ़कर 131 पहुंच गई है।

ममता बनर्जी ने कहा- कुछ मिले तो बुलडोजर चला दीजिए

मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- गाय किसके अंडर है? कोयला किसके अंडर है? गाय राजस्थान, मध्यप्रदेश, असम कहां-कहां से आती है? जब गाय होम मिनिस्ट्री के अंडर है तो हमपर कैसे आरोप लगा रहे हैं? उन्होंने कहा- मेरे परिवार को नोटिस भेज रहे हैं। हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। वैसे कानून पर भी उनकी काफ़ी हद तक कब्ज़ा है, लेकिन मुझे कानून पर फिर भी भरोसा है।

उन्होंने कहा- कुछ चैनल कह रहे हैं मैं और मेरे परिवार के लेगों ने सरकारी संपत्ति हथियायी है। मैंने आज कैबिनेट बैठक में अधिकारियों से कहा है कि जांच करिये और ऐसा कुछ मिले तो बिना मुझसे पूछे बुलडोज़र से उड़ा दीजिए। 12 सालों में न एमपी पेंशन ली और न ही सैलेरी। रिपोर्ट अशोक झा

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