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भारत के खिलाफ पाकिस्तान आर्मी और आईएसआई पुराने आतंकी संगठन को कर रहा सक्रिय 

भारत के खिलाफ पाकिस्तान आर्मी और आईएसआई पुराने आतंकी संगठन को कर रहा सक्रिय 
-पाक आर्मी की मदद से अलबदर के आतंकी इन दिनों दो जगहों पर दी जा रही ट्रेनिंग 
-फंडिंग कर उसके आतंकियों और फिदायीनों को भेज रहा है
कश्मीर 
अशोक झा, सिलीगुड़ी: एक तरफ जहां वह पूरी दुनिया को यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहा है कि उसने लश्कर, जैश और हिजबुल जैसे आतंकी संगठनों और उनके आकाओं पर लगाम कस दिया है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान आर्मी और आईएसआई लगभग निष्क्रिय हो चुके अल-बदर जैसे पुराने आतंकी संगठनों को फिर से कश्मीर और पीओके में खड़ा करने में जुटे हैं।पाक खुफिया एजेंसी इनको फंडिंग कर रही है।खुफिया सूत्रों ने बताया कि आतंकी संगठनों जैश, लश्कर व हिजबुल मुजाहिदीन और इनके आकाओं के कारनामों के बारे में पूरी दुनिया जान चुकी है। इन संगठनों और इनके सरगनाओं के बारे में एक फेहरिस्त भारतीय एजेंसियां एफएटीएफ को भी सौंप चुकी हैं, जिसके कारण पाकिस्तान की पूरे विश्व में किरकिरी हो चुकी है। ऐसे में पाकिस्तान अब पुराने आतंकी संगठनों मसलन अल- बदर आदि को फंडिंग कर उसके आतंकियों और फिदायीनों को कश्मीर भेज रहा है। सूत्रों ने बताया कि पाक आर्मी की मदद से अलबदर के आतंकी इन दिनों दो जगहों पर ट्रेनिंग ले रहे है। पहली जगह पाक-अफगान बॉर्डर है। यहीं तालिबानी लड़ाकों के साथ जैश के आतंकियों को भी आईएसआई ने ट्रेनिंग दिलवाई था। दूसरी जगह है पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा। यहां भी अल-बदर के 150 से 180 आतंकियों को भारत में हमले की ट्रेनिंग दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पीओके के लांच पैड्स-अठमुगम( केरन सेक्टर), बरोह और ढोक (पुंछ सेक्टर के सामने), चनानिया(नौगाम सेक्टर के सामने) और चौकी समानी (नौशेरा सेक्टर) पर अलबदर आतंकियों को कंक्रीट के बंकरों में रखा गया है ताकि इनकी भारत में घुसपैठ कराई जा सके। इन आतंकियों को हथियार चलाने, जीपीएस ट्रैकिंग समेत मैप रीडिंग की जानकारी दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा के अल बदर ट्रेनिंग कैम्प में एके सीरीज की गन, पीआईकेए , एलएमजी, रॉकेट लांचर ,यूबीजीएल और हैंड ग्रेनेड चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही जंगल में सर्वाइव करने, गोरिल्ला युद्ध, कम्युनिकेशन, इंटरनेट और जीपीएस मैप की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मानसेहरा और खैबर पख्तूनख्वा की करीब दर्जन भर जगहों पर आईएसआई की मदद से अल- बदर के नाम पर पैसा जुटाने के लिए पच्रे बांटे गए हैं। अलबदर के अलावा लश्कर-ए-झांगवी, जैश-उल-अदल, हरहत- उल-मुजाहिद्दीन,अल-उमर-मुजाहिदीन, तहरीक- उल-मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों को भी पैसा देकर दोबारा खड़ा करने की कोशिश की जा रही है।सूत्रों के अनुसार, जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों की हिट लिस्ट में अल बदर का ए प्लस कैटेगरी का आतंकी जावेद अहमद मट्टू फैसल साहिब मूसैब है। फिलहाल ये जान बचाने के लिए इधर से उधर छुप रहा है।
साथ ही पाकिस्तीनी खुफिया एजेंसी (ISI) से मिल रहे दिशा-निर्देशों का भी पता लगाया जा रहा है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में कई पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए हैं जिन्हें हथियार और गोला-बारूद गिराने के मकसद से भेजा गया था। जांचकर्ताओं ने बताया कि इस साल कश्मीर घाटी में इस तरह के 2 दर्जन से अधिक ड्रोन दिखाई दिए। संघीय एजेंसी ने पिछले हफ्ते श्रीनगर, जम्मू, कठुआ, सांबा और डोडा में आठ स्थानों पर छापेमारी की थी। टीआरएफ माड्यूल की ओर से हथियारों और गोला-बारूद की डिलीवरी से जुड़े एक केस में यह छापेमारी हुई। मालूम हो कि TRF आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है। एक अधिकारी ने बताया कि टीआरएफ के गुर्गे लश्कर के पाकिस्तानी हैंडलर्स से लगातार संपर्क में थे। इन्हें सांबा सेक्टर में IB के पास भारतीय क्षेत्र में ड्रोन के जरिए हथियारों, विस्फोटकों और अन्य आतंकवादी हार्डवेयर की खेप मिल रही थी। इन हथियारों की खेप को कश्मीर में टीआरएफ आतंकवादियों तक पहुंचाई जाती थी, ताकि वो अल्पसंख्यकों, प्रवासियों और सुरक्षा बलों पर हमलों को अंजाम दे सकें।
पंजाब सीमा पर भी हथियार-ड्रग्स भेजे जा रहे
जम्मू के फैसल मुनीर ने ड्रोन के जरिए गिराई गई खेप को घाटी में आतंकवादियों तक पहुंचाई थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिछले महीने उसे गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य घटना में 22 जुलाई को जम्मू में सीमा सुरक्षा बल की ओर से एक ड्रोन को मार गिराया गया था। जम्मू-कश्मीर के अलावा पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी लगातार पंजाब सीमा पर भी हथियार, विस्फोटक और ड्रग्स भेजती रही है।

पंजाब में जब्त हुई 300 किलोग्राम हेरोइन 

पिछले साल अक्टूबर से 15 जुलाई के बीच सुरक्षा बलों ने पंजाब में 300 किलोग्राम हेरोइन, 1.58 किलोग्राम अफीम, 48 हथियार, 553 गोलियां, 4.750 किलोग्राम सैन्य ग्रेड RDX विस्फोटक और भारतीय नोट ले जा रहे 6 पाकिस्तानी ड्रोन जब्त किए। अधिकारियों ने कहा कि टीआरएफ को जम्मू-कश्मीर में ड्रोन के जरिए हथियारों और विस्फोटकों की सप्लाई में शामिल पाया गया है, जबकि पाकिस्तान से सक्रिय खालिस्तानी आतंकी संगठन बड़े पैमाने पर पंजाब की सीमा का इस्तेमाल हथियार और ड्रग्स भेजने के लिए कर रहे हैं। रिपोर्ट अशोक झा

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