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सुशासन बाबू के राज में धनकुबेर निकल रहा है इंजीनियर

सुशासन बाबू के राज में धनकुबेर निकल रहा है इंजीनियर
– छापेमारी में घर से निकल रहे नोट से भरे थैली, सोना-चांदी
अशोक झा, सिलीगुड़ी: बिहार के सीमावर्ती किशनगंज ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यरत अभियंता संजय कुमार राय के किशनगंज स्थित तीन ठिकाने पर आय से अधिक संपत्ति मामले को लेकर शनिवार को निगरानी विभाग की छापेमारी की गई। वहीं एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पटना में भी दो ठिकाने पर छापेमारी की जा रही है। निगरानी की 13 सदस्यीय टीम ने किशनगंज में अभियंता संजय कुमार राय के रूईधाशा स्थित आवास और उसके द्वारा रखे गए निजी इंजीनियर ओम प्रकाश यादव के लाइनपाड़ा आवास और कार्यालय के कैशियर खुर्रम सुल्तान के लाइनपाड़ा स्थित आवास पर छापेमारी की गई। वहीं एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पटना में भी दो ठिकाने पर छापेमारी की जा रही है। निगरानी की 13 सदस्यीय टीम ने किशनगंज में अभियंता संजय कुमार राय के रूईधाशा स्थित आवास और उसके द्वारा रखे गए निजी इंजीनियर ओम प्रकाश यादव के लाइनपाड़ा आवास और कार्यालय के कैशियर खुर्रम सुल्तान के लाइनपाड़ा स्थित आवास पर छापेमारी की गई।छापेमारी में ग्रामीण कार्य विभाग के निजी इंजीनियर ओमप्रकाश के घर से करीब तीन करोड़ रुपये नकदी और विभाग के कैशियर के घर से करीब एक करोड़ रुपये नकदी बरामद हुआ है। कुल कितनी राशि है इसके लिए मशीन मंगाई जा रही है।किशनगंज से लेकर पटना तक जांच टीम के अधिकारी छापेमारी में जुटे हैं. रेड में इतने नोट मिले हैं कि चार-चार मशीनों से गिनती की जा रही है। छापेमारी की भनक मिलते ही नोटों से भरा बैग लेकर भाग रहे दो लोगों को निगरानी टीम ने खदेड़कर पकड़ा। पकड़ाने पर बैग से साठ लाख रू नकद मिले। शाम तक नोटों की गिनती पूरी होने पर कुल नकद पांच करोड़ से अधिक 6 करोड़ तक पहुंच सकती है। निगरानी ब्यूरो की तरफ से बताया गया है कि ग्रामीण कार्य विभाग के किशनगंज प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार राय के किशनगंज और पटना के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। निगरानी टीम जब किशनगंज में छापेमारी करने पहुंची तो पता चला कि यह भ्रष्ट इंजीनियर अपने जूनियर इंजीनियर और कैशियर के यहां रिश्वत का पैसा रखता है। इसके बाद जांच टीम ने इन लोगों के यहां भी दबिश दी। किशनगंज से करीब चार करोड़ से अधिक रू बरामद हो चुके हैं। वहीं कार्यपालक अभियंता संजय कुमार राय के पटना आवास की तलाशी में लगभग 1 करोड़ रू से अधिक नकद मिले हैं। जांच टीम नोटों के मिलान में जुट गई है। छापेमारी में कई अन्य कागजात भी मिले हैं। बैंक लॉकर का भी पता चला है। इसके अलावे जमीन के के कागजात व अन्य सबूत मिले हैं। किशनगंज में कार्यपालक अभियंता के एक निजी फ्लैट जिसे एक ठेकेदार के नाम रखा गया है, जैसे ही छापेमारी की भनक मिली उसमें ताला बंद कर फरार हो गया। अब मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ताला खोल कर सर्च किया जायेगा। टीम का नेतृत्व कर रहे निगरानी के डीएसपी अरूण कुमार पासवान ने बताया कि किशनगंज ग्रामीण कार्य विभाग वन के अभियंता संजय कुमार राय और उनके द्वारा रखे गए निजी इंजीनियर ओम प्रकाश यादव और कैशियर खुर्रम सुल्तान के घर छापेमारी की गई। इस दौरान निजी इंजीनियर के घर से करीब तीन करोड़ रुपये नकदी और कैशियर के घर से करीब एक करोड़ रुपये नकदी बरामद हुई है।
कुल कितनी राशि है इसके लिए नोट गिनने की मशीन मंगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि 26 अगस्त को निगरानी में कार्यपालक अभियंता संजय कुमार राय के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद पटना स्थित उनके दो ठिकाने और किशनगंज में तीन ठिकाने पर छापेमारी की गई है।बड़ा सवाल यही है कि इस भ्रष्ट इंजीनियर के सिर पर किसका हाथ है? क्या एक इंजीनियर बिना ऊपरी पहुंच के इतने बड़े स्तर पर उगाही कर सकता है? रिश्वत के इस पैसे का किनके बीच बंटवारा होना था, या फिर बंटवारे के बाद यह पैसा भ्रष्ट इंजीनियर-जूनियर इंजीनियर और कैशियर के हिस्से में मिला था? ये तमाम सवाल उठना लाजिमी है,क्यों कि बिना उपरी मिलीभगत या संरक्षण मिले कोई अधिकारी इतना बड़ा धनकुबेर नहीं बन सकता।

 रिपोर्ट अशोक झा

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