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झारखंड में हेमंत सोरेन की होगी विधानसभा की सदस्यता रद्द

झारखंड में हेमंत सोरेन की होगी विधानसभा की सदस्यता रद्द
– केंद्रीय चुनाव आयोग की सिफारिश पर राज्यपाल करेंगे फैसला
– राजनीतिक संकट के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा की बैठक आज 
अशोक झा, सिलीगुड़ी: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द की गई। केन्द्रीय चुनाव आयोग ने राज्यपाल को पत्र भेज दिया है। राज्यपाल रमेश बैस दोपहर 12 बजे दिल्ली से निकलेंगे और करीब दो बजे राँची पहुँचेंगे। क़रीब तीन बजे तक राजपत्र में प्रकाशित हो जाएगा। 
क्या है पूरा मामला जिसमें गई हेमंत सोरेन की सदस्यता
बीजेपी का आरोप है कि हेमंत सोरेन ने खुद को पत्थर खनन लीज आवंटित किया था.उसने इसे भ्रष्ट आचरण बताया.बीजेपी ने ऑफिस ऑफ प्रॉफिट और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9a का हवाला देते हुए हेमंत सोरेन की सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी.क्योंकि राज्य की कैबिनेट में खनन-वन मंत्री का पदभार हेमंत के पास ही है.

दरअसल सूचना के अधिकार (आरटीआई) के लिए काम करने वाले शिवशंकर शर्मा ने दो जनहित याचिकाएं दायर कर सीबीआई और ईडी से माइनिंग घोटाले की जांच कराने की मांग की थी.आरोप है कि हेमंत सोरेन ने अपने पद का दुरुपयोग कर स्टोन क्यूएरी माइंस अपने नाम आवंटित करवा ली है.सोरेन परिवार पर शैल कंपनी में निवेश कर संपत्ति अर्जित कर करने का भी आरोप है.

अब क्या होगा झारखंड में

झारखंड में सरकार चला रही झारखंड मुक्ति मोर्चा अब हेमंत सोरेन के विकल्प पर भी चर्चा कर रही है. माना जा रहा है कि सीएम पद सोरेन परिवार में ही रहेगा. वहीं बीजेपी ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि हेमंत विकल्प के तौर पर अपनी पत्नी कल्पना सोरेन का नाम आगे बढ़ा सकते हैं.

आयोग ने सोरेन की ओर से एक खान अपने नाम करवाने के मामले में यह सिफारिश की है।
राज्यपाल चुनाव आयोग की सिफारिश पर हेमंत सोरेन की सदस्यता भी रद्द कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस को एक याचिका पर अपनी राय भेजी है, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खुद को एक खनन पट्टा जारी करके चुनावी कानून का उल्लंघन करने के लिए एक विधायक के तौर पर अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है। चुनाव आयोग ने बंद लिफाफे में आज अपनी राय राज्यपाल को भेजी है। झारखंड के राज्यपाल ने इस मामले को चुनाव आयोग के पास भेजा था
 इस मामले में बीजेपी ने शिकायत दर्ज कराई थी।
राज्यपाल लेंगे अंतिम फैसला

इस मामले में चुनाव आयोग ने जांच की थी. संविधान के अनुच्छेद 192 के तहत, किसी सदस्य को अयोग्य ठहराने के मामले में अंतिम फैसला राज्यपाल को करना होता है। हालांकि, ऐसे किसी भी मामले में कोई निर्णय देने से पहले राज्यपाल चुनाव आयोग की राय लेनी होती है और उसी के मुताबिक फैसला करना होता है। दरअसल, झारखंड सीएम हेमंत सोरेन पर लाभ के पद पर होने के आरोप लगे थे। बीजेपी ने हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी. इस मामले में 18 अगस्त को सुनवाई पूरी हो गई थी।  अब निर्वाचन आयोग ने इस मामले में अपनी राय राज्यपाल को भेजी है।

क्या है मामला?

दरअसल, हेमंत सोरेन पर झारखंड का सीएम रहते खनन पट्टा खुद को और अपने भाई को जारी करने का आरोप है। उस वक्त हेमंत सोरेन पर खनन मंत्रालय भी थी. ईडी ने हाल ही में खनन सचिव पूजा सिंघल को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया था, पूजा ने ही खनन का लाइसेंस जारी किया था। रिपोर्ट अशोक झा

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