Khabar AajkalNewsPoliticsPopular

पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के साथी की तलाश में झारखंड में आयकर विभाग का छापा

पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के साथी की तलाश में झारखंड में आयकर विभाग का छापा 
– शिक्षक भर्ती घोटाले में कई राज्यों से जुड़े हैं  पैसा खपाने के तार
अशोक झा सिलीगुड़ी: आयकर विभाग एक बार फिर एक्शन में आ गया है। पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में आरोपी पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के साथी की तलाश में इनकन टैक्स विभाग के अधिकारियों ने झारखंड के हजारीबाग में एक होटल में छापेमारी की।अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के गिरफ्तार पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के कथित करीबी सहयोगी के दौरे की सूचना मिलने के बाद आयकर विभाग ने झारखंड के हजारीबाग जिले के भंडारा पार्क में एक होटल में छापेमारी की। हालांकि, वह व्यक्ति शुक्रवार को आई-टी टीम के आने से कुछ घंटे पहले होटल से निकल गया था। बता दें कि बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में आरोपी पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी फिलहाल जेल हिरासत में हैं।आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार कि एक अन्य मामले के सिलसिले में हजारीबाग में डेरा डाले हुए दल को कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय से सूचना मिली कि वह व्यक्ति कथित तौर पर बेहिसाब धन छिपाने के लिए भंडारा पार्क में था।
आईटी विभाग के अधिकारियों ने हजारीबाग के होटल में रेड
मारी। अधिकारियों ने कहा कि आयकर इकाई के कर्मियों ने पार्क के सभी प्रवेश द्वारों को सील कर दिया, जिसमें एक मल्टीप्लेक्स, एक होटल और एक मैरिज हॉल शामिल है। उन्होंने कहा कि विचाराधीन व्यक्ति को पार्थ चटर्जी का “करीबी” माना जाता है, जिसे हाल ही में ईडी ने स्कूल नौकरी घोटाले में कोलकाता से गिरफ्तार किया था। नाम न छापने की शर्त पर आयकर विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को होटल में करीब आठ घंटे तक छापेमारी की, लेकिन उस व्यक्ति का पता लगाने में असफल रहे, जो कथित तौर पर कुछ घंटे पहले पार्क से निकला था, जब टीम वहां टीम पहुंची। होटल के कर्मचारी, जिनसे टीम के सदस्यों ने पूछताछ की, ने कहा कि वह एक सरकारी वाहन में कोलकाता से आया था, और अपने साथ “एक बड़ा बैग” ले जा रहा था। अधिकारी ने कहा कि आगे की जांच जारी है। इसके पहले भी आयकर विभाग ने कोलकाता में कई जगह छापे मारे। राज्य में आयकर के इंवेस्टिगेटिव विंग की ओर से तीन कंस्ट्रक्शन कंपनियों के 30 ठिकानों पर आईटी ने छापेमारी की। इस दौरान अधिकारियों ने आरोप लगाया कि इन विकासशील कंपनियों में विभिन्न परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है। आयकर विभाग को खबर मिली थी कि यहां से करोड़ों रुपयों को घोटाला किया जाता है. बताया जा रहा है कि सृजन समूह, पीसी समूह और विनायक समूह के 30 स्थानों पर आईटी ने छापा मारा है। इससे पहले भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर (IT) की दो टीमों ने कोलकाता के एक व्यवसायी कौस्तव रॉय और एक लोकप्रिय बंगाली समाचार चैनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के आवास और कार्यालयों पर एक साथ छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया था।
गुजरात में मारा था छापा
बता दें कि, इस महीने आईटी ने कई राज्यों में छापेमारी अभियान चलाया हुआ है। बीते दिनों आईटी ने गुजरात में एक ग्रुप के यहां छापेमारी के दौरान 1000 करोड़ रुपये के कालेधन का खुलासा किया था। इस मामले में अब तक 24 करोड़ रुपये की बिना हिसाब की नकदी और 20 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण आदि जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 20 जुलाई को खेड़ा, अहमदाबाद, मुंबई, हैदराबाद और कोलकाता में 58 परिसरों की तलाशी ली गई थी।वहीं, इससे पहले भी सीबीडीटी (Central Board of Direct Taxes) ने कहा था कि ‘समूह को कोलकाता (Kolkata) स्थित मुखौटा कंपनियों से शेयर प्रीमियम के माध्यम से बेहिसाब रकम की लेयरिंग में भी शामिल पाया गया था।ईडी ने पिछले महीने निलंबित तृणमूल कांग्रेस नेता चटर्जी को स्कूल सेवा आयोग द्वारा शिक्षकों की भर्ती में अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से ईडी को लगभग 52 करोड़ रुपये नकद मिले थे। इसके अतिरिक्त भारी मात्रा में सोने की ज्वेलरी, विदेशी मुद्रा और बेनामी जमीन के कागजात भी मिले थे।  ईडी ने गुरुवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया था. कोर्ट ने 31 अगस्त तक जेल हिरासत का आदेश दिया है।
 रिपोर्ट अशोक झा

Related Articles

Back to top button