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पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की बिगड़ी तबीयत जांच के लिए ले जाए गए एसएसकेएम

पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की बिगड़ी तबीयत जांच के लिए ले जाए गए एसएसकेएम
-पार्थ चटर्जी ने मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अच्छा नहीं है
अशोक झा, सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में आरोपी पूर्व मंत्री पार्थो चटर्जी की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें शनिवार दोपहर को प्रेसिडेंसी जेल से एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया। उनकी विभिन्न तरह की शारीरिक परीक्षा की गई। उसके बाद फिर उन्हें प्रेसिडेंसी जेल वापस ले जाया गया। एसएसकेएम अस्पताल में जांच के लिए लाये गये पार्थ चटर्जी से जब मीडिया ने पूछा कि उनकी तबीयत कैसी है, पार्थ चटर्जी ने इसका जवाब देते हुए कहा कि अच्छा नहीं है। बता दें कि शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में गिरफ्तार किये गये पार्थ चटर्जी फिलहाल 31 अगस्त तक जेल हिरासत में हैं और पिछले कुछ दिनों में पैर में सूजन और दर्द की शिकायत कर रहे हैं। पूर्व शिक्षा मंत्री को शिक्षकों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार के मामले में प्रेसीडेंसी जेल के वार्ड के सेल नंबर 2 में रखा गया है। जेल जाने के बाद जेल के डॉक्टरों ने पार्थ के पैर में सूजन देखी।
पैर में सूजन और दर्द की शिकायत
डॉक्टरों ने उस समय कहा था कि कम चलने के कारण पूर्व मंत्री के पैरों में सूजन देखी जा सकती है। एसएसकेएम डॉक्टरों की एक टीम ने हाल ही में प्रेसीडेंसी सुधार सुविधा में पर्थ का दौरा किया था और उनके स्वास्थ्य की जांच करने के बाद रिपोर्ट सौंपी थी। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 22 जुलाई को नाकतला में पार्थ के घर पर छापा मारा था। दिन भर पूछताछ करते रहे थे. उस समय उनके बीमार होने की भी खबर आई थी। ईडी की पूछताछ के दौरान एसएसकेएम के डॉक्टरों को पार्थ के घर जाते देखा गया था। बाद में उन्हें एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल में भर्ती होने को लेकर हुआ था विवाद
एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती किये जाने को लेकर ईडी ने कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट के आदेश पर पार्थ को भुवनेश्वर एमसी ले जाया गया था और वहां उनकी शारीरिक जांच हुई थी। वहां ने डॉक्टरों ने कहा था कि उन्हें अपनी बीमारी के लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है। उसके बाद उन्हें कोलकाता लाया गया था और ईडी की हिरासत में रखा गया था। ईडी की हिरासत में रहते हुए हर 48 घंटे में ईएसआई अस्पताल पार्थ की शारीरिक जांच होती थी। कोर्ट ने उनकी शारीरिक स्थिति पर निगरानी का निर्देश दिया था। बता दें कि शारीरिक जांच के दौरान खुलासा हुआ था कि पार्थ चटर्जी को डॉयबेटिज, किडनी संबंधित बीमारी सहित कई क्रोनिक बीमारियां हैं। जेल में परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने कहा था कि उनकी सभी चिकित्सा जेल में संभव नहीं है। रिपोर्ट अशोक झा

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