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अनुब्रत मंडल को कोर्ट से नहीं मिली राहत,24 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी सीबीआइ हिरासत

अनुब्रत मंडल को कोर्ट से नहीं मिली राहत,24 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी सीबीआइ हिरासत
-जमानत पर रिहा होने पर वे जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं
– मामले में गवाहों को डरा-धमका सकते हैं
अशोक झा, सिलीगुड़ी: तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी अनुब्रत मंडल को कोर्ट से राहत नहीं मिली। उनकी सीबीआइ हिरासत चार दिन बढ़ा दी गई है। अनुब्रत को इस दिन कोलकाता से आसनसोल ले जाकर सीबीआइ की विशेष अदालत में पेश किया गया था। अनुब्रत के अधिवक्ता की तरफ से जमानत के लिए आवेदन करते हुए दलील दी गई कि उनके मुवक्किल की शारीरिक स्थिति ठीक नहीं है इसलिए उन्हें जमानत दी जाए। वे कहीं भागेंगे नहीं और जांच में भी पूरा सहयोग करेंगे। अधिवक्ता ने आगे कहा कि उनके मुवक्किल के पास से फिक्स्ड डिपाजिट के रुपये मिले हैं, जो उनकी पत्नी के निधन के बाद जीवन बीमा कंपनियों से प्राप्त हुए थे। जिस चावल मिल की बात कही जा रही है, वह उनकी पत्नी व बेटी को उनके ससुर से उपहारस्वरूप मिली थी। दूसरी तरफ सीबीआइ के अधिवक्ता की तरफ से जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा गया कि अनुब्रत साधारण आरोपित नहीं हैं। वे प्रभावशाली नेता हैं और राज्य सरकार से उनका संपर्क है। जमानत पर रिहा होने पर वे जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। मामले में गवाहों को डरा-धमका सकते हैं। उनकी मवेशी तस्करी में अहम भूमिका है। सीबीआइ के अधिवक्ता ने आगे कहा कि अनुब्रत जांच में सहयोग नहीं कर रहे। गिरफ्तार करने से पहले उन्हें कई बार नोटिस भेजकर जिरह के लिए बुलाया गया था लेकिन वे नहीं आए। कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद हाजिर नहीं हुए बल्कि खुद को बीमार दिखाने के लिए चिकित्सक पर दबाव बनाया। उनसे अभी पूछताछ पूरी नहीं हुई है इसलिए सीबीआइ हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने की जरुरत है। दोनों पक्षों की दलीलेंं सुनने के बाद न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती ने अनुब्रत की जमानत याचिका खारिज करते हुए सीबीआइ हिरासत 24 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी।
मेरे पास कोई बेनामी संपत्ति नहीं: मंडल 
इस बीच अनुब्रत मंडल ने दावा किया कि उनके पास कोई बेनामी संपत्ति नहीं है। इतना ही नहीं वे जांच में सीबीआई को पूरा सहयोग भी कर रहे हैं। शनिवार को सीबीआई के निजाम पैलेस मुख्यालय से अनुब्रत को कमांड अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान उन्होंने यह दावा किया। मेडिकल परीक्षण के बाद उनको आसनसोल में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। आज उनकी सीबीआई हिरासत पूरी हो रही है। इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई ने अनुब्रत की बोलपुर स्थित भोले बम राइस मिल में छापेमारी की थी। यहां पर पर टीम को पांच महंगी कारें मिली थीं। इनमें से एक कार पर बंगाल सरकार का स्टीकर लगा हुआ है। सारी गाड़ियां सीबीआई की टीम अपने साथ लेकर आई। 
राइस मिल में पत्नी व बेटी की हिस्सेदारी राइस मिल में हुई छापेमारी में सीबीआई को अहम दस्तावेज भी मिले हैं। इस राइस मिल में अनुब्रत की दिवंगत पत्नी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत और बेटी सुकन्या की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जब राइस मिल में छापेमारी के लिए सीबीआई की टीम पहुंची, तो दरवाजा बंद कर दिया गया और टीम को घुसने से रोक दिया गया था। इसके बाद सीबीआई ने दरवाजा तोड़ने की धमकी दी, जिसके बाद उसे खोला गया। बता दें, अनुब्रत ने 2011 के बाद यह राइस मिल हराधन मंडल से खरीदी थी। 
2020 में दर्ज किया था केस 
सीबीआई ने 2020 में पशु तस्करी के मामले में केस दर्ज किया था। इसमें अनुब्रत मंडल का नाम भी सामने आया था। सीबीआई के मुताबिक 2015 से 2017 के दौरान सीमा सुरक्षा बल को 20,000 से ज्यादा पशुओं के कटे सिर मिले थे। इस मामले में पिछले दिनों उन्हें सीबीआई ने तलब किया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे थे। इस मामले में केंद्रीय एजेंसी ने बीरभूम जिले में उनके करीबी लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहां से भारी संख्या में नकदी बरामद हुए थे। मंडल को सीबीआई ने 10 समन भेजे थे। रिपोर्ट अशोक झा

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