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राजस्थान से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के स्थानीय दो एजेंटों को किया गया गिरफ्तार

राजस्थान से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के स्थानीय दो एजेंटों को किया गया गिरफ्तार
-सोशल मीडिया को हथियार बना पाकिस्तान के लिए कर रहा था जासूसी
अशोक  झा, सिलीगुड़ी: राजस्थान इंटेलिजेंस की टीम ने भीलवाड़ा और पाली से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के स्थानीय दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है। इंटेलिजेंस की टीम ने ये कार्रवाई शनिवार को की है। दोनों एजेंट सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान में सूचनाएं भेजते थे। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैण्डलिंग अफसरों के इशारों पर भारतीय सेना से सम्बंधित भेजी गई सामरिक महत्व की सूचनाओं की एवज में दोनों के बैंक खातों में यूपीआई के माध्यम से धनराशि भी ट्रांसफर की गई है। भीलवाड़ा और पाली जिले से गिरफ्तार किए गए युवकों पर आरोप है कि वह पैसों के लालच में भारत की सामरिक गोपनीय जानकारी सीमा पार भेज रहे थे। राजस्थान पुलिस के महानिदेशक पुलिस (खुफिया) उमेश मिश्रा ने जानकारी दी कि राजस्थान अपराध जांच विभाग (सीआईडी- खुफिया) को भीलवाड़ा के रहने वाले नारायण लाल गाडरी (27) और जैतारण (पाली) में एक शराब ठेके पर काम करने वाले कुलदीप सिंह शेखावत (24) के सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से लगातार संपर्क में होने की सूचना मिली थी जिसके बाद दोनों पर लगातार नजर रखी गई। मिश्रा के मुताबिक सीआईडी-खुफिया जयपुर टीम ने दोनों को पकड़ा है. मालूम हो कि राजस्थान में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप लगातार जैसलमेर, जोधपुर और पाली में ऑपरेशन सरहद के तहत संदिग्धों को दबोचा जा रहा है। ऑपरेशन के तहत अब तक 10 से अधिक संदिग्धों को पकड़ा जा चुका है।

पैसों के लालच में बेचा ईमान
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक दोनों युवकों को जासूसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया है। मिश्रा ने जानकारी दी कि युवकों से पूछताछ में पता चला है कि गाडरी पाकिस्तानी जासूसी एजेंसियों के सम्पर्क में था और पैसे के लालच में कई मोबाइल कंपनियों के भारतीय नंबरों वाले सिम कार्ड जारी करवाकर पाकिस्तान एजेंसियों को दे रहा था। बता दें कि पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी की ओर से भारतीय मोबाइल नम्बरों से सोशल मीडिया अकाउंट चलाए जाते हैं जिनमें सेना के जवानों को फंसाया जाता है। हाल में हनीट्रैप के कई मामले सामने आ चुके हैं।

सोशल मीडिया था मुख्य हथियार
इसके आगे उन्होंने बताया कि दूसरा युवक शेखावत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की एक महिला से लगातार टच में थ। शेखावत महिला और फर्जी सेना के जवान से सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर भारतीय जवानों से दोस्ती करता था और सेना से सम्बंधित खूफिया जानकारी हासिल कर पैसे के बदले में पाकिस्तानी महिला एजेंट को भेजता था। रिपोर्ट अशोक झा

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