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अनुब्रत मंडल के अचल संपत्ति का लगातार हो रहा खुलासा

अनुब्रत मंडल के अचल संपत्ति का लगातार हो रहा खुलासा
– बेटी भी सीबीआई के निशाने पर, करोड़ों के चढ़ावे वाली सोने की चल रही है जांच
अशोक झा, सिलीगुड़ी:  पश्चिम बंगाल में गौ तस्करी मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार अनुव्रत मंडल की अचल सम्पत्ति का लगातार खुलासा हो रहा है। बीरभूम जिले के बोलपुर में ही एक प्लॉट (फार्म हाउस ) का खुलासा हुआ है, जिसका खेत के रूप में उपयोग होता था। यह प्लॉट अनुव्रत के परिवार के नाम से है। केयर टेकर द्वारा खुलासे के बाद मामला प्रकाश में आया है। अनुव्रत मंडल की गिरफ्तारी के बाद से ही बीरभूम जिले में छापामारी जारी है। इस बीच सीबीआई को बोलपुर में सियान इलाके में 50 बीघा जमीन (खेत) मिली है। सीबीआई उस फार्म हाउस के मालिकों की तलाश कर रही थी। हालांकि केयरटेकर के परिवार ने जानकारी दी है कि बीस साल पहले फार्म हाउस को अनुव्रत मंडल ने खरीदा था। कभी-कभी वह वहां आते हैं। वहां चावल, मछली और सब्जियों की खेती की जाती थी। धान का ढेर भी लगा है।
सीबीआई को नहीं मिले हैं दस्तावेज

हालांकि इस जमीन और फार्म हाउस अनुव्रत का है या नहीं। अभी तक सीबीआई को कोई दस्तावेज नहीं मिला है। बताया जाता है कि बीरभूम जिला तृणमूल अध्यक्ष अनुव्रत मंडल की बेटी फिलहाल केंद्रीय जांचकर्ताओं की रडार पर है। सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी ने दावा किया है कि जांच के दौरान अनुव्रत की बेटी सुकन्या मंडल की दो कंपनियों के नाम मिले हैं। जिनके दस्तावेजों में अनुव्रत मंडल एक भागीदार है।इन मामलों में जांचकर्ता अनुव्रत से पूछताछ कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सुकन्या के नाम से एक एग्रो केमिकल कंपनी का 25 प्रतिशत अनुव्रत और 75 प्रतिशत सुकन्या के नाम के हिस्सेदारी का भी पता सीबीआई को चला है। सीबीआई को अनुव्रत मंडल के बीरभूम में दस और पूर्व बर्दवान में छह राइस मिल की भी जानकारी मिली है। सहगेल के फोन से अनुव्रत राइस मिल का हाल चाल लेते थे। इसके साथ ही छह पेट्रोल पंप की भी जानकारी विभाग को मिली है। इसके साथ ही 30 वैध बालू घाट तथा एक सौ अवैध बालू घाट की भी मिली जानकारी को लेकर सीबीआई पुख्ता सबूत एकत्र कर रही है। इसके अलावा करीब एक सौ डंपर, मेडिकल कॉलेज समेत अन्य की भी जांच सीबीआई कर रही है। इसके अलावा क्रशर मशीन, होटल, गेस्ट हाउस, फ्लैट आदि की भी मिली जानकारी को लेकर सीबीआई पुख्ता सबूत जुटा रही है। अनुव्रत मंडल के राइस मिल की जानकारी इस दौरान मोबाइल फोन का लाउडस्पीकर ऑन रखा था। अब जल्द ही सीबीआई के अधिकारी सुकन्या से पूछताछ करने जा रहे हैं। 

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को इसका शक है। इसलिए केंद्रीय जांच एजेंसी की नजर 570 तोला सोना पर है, जो काली पूजा के दौरान मां काली की प्रतिमा को पहनायी जाती है।
 काली और शिव के भक्त हैं अणुव्रत मंडल 
खुद को काली और शिव का भक्त बताने वाले अणुव्रत मंडल भव्य काली पूजा का आयोजन करते हैं. बोलपुर स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्टी कार्यालय में हर साल आयोजित होने वाली काली पूजा की सबसे खास बात होती है- मां काली का स्वर्णाभूषण से शृंगार. मां की प्रतिमा पर चढ़ाये जाने वाले सोने के जेवरात का वजन साल-दर-साल बढ़ता जाता है।
5 साल में 160 तोला से 560 तोला हो गया स्वर्णाभूषण

वर्ष 2016 में प्रतिमा पर कुल 160 भरी सोने के आभूषण चढ़ाये गये थे. वर्ष 2019 में यह बढ़कर 260 भरी हो गया। इस वर्ष 32 सोने के आभूषण जुड़े थे। वर्ष 2020 में काली पूजा के दौरान केस्टो दा ने मां काली की प्रतिमा पर 360-370 भरी के सोने के गहने चढ़ाये थे। वर्ष 2021 में स्वर्णाभूषणों का वजन बढ़कर 560-570 तोला हो गया।

स्वर्णाभूषण का मूल्य करीब 3 करोड़ रुपये
इन आभूषणों का बाजार मूल्य करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक है. अणुव्रत मंडल मां काली की प्रतिमा को हर साल अपने हाथों से सजाते हैं. हालांकि, 2019 और 2020 में मां और पत्नी की मृत्यु के कारण केस्टो दा मां काली की प्रतिमा का आभूषणों से शृंगार नहीं कर पाये थे. बाहर से सब कुछ देखा था.
सोने के गहनों की सुरक्षा के लिए तैनात होते हैं सशस्त्र पुलिस बल
मां काली की प्रतिमा के गहनों की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को पूजा पंडाल में तैनात किया जाता है. पिछले वर्ष काली पूजा के दौरान जब पत्रकारों ने गहनों के बारे में केस्टो दा से सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि भक्तों की कृपा है. मां के भक्त उन्हें गहने देकर जाते हैं. सब मां का प्रभाव है.

अणुव्रत के पंडाल में ही क्यों चढ़ता है इतना सोना?

अणुव्रत मंडल की गिरफ्तारी के बाद अब सीबीआई (CBI) ने प्रतिमा पर चढ़ाये जाने वाले स्वर्णाभूषणों की भी जांच शुरू कर दी है. आखिर कौन ऐसा भक्त है, जो इतनी बड़ी मात्रा में सोने के गहने पूजा पंडाल में चढ़ाने आता है. सिर्फ एक ही पूजा पंडाल में इतने गहने क्यों चढ़ाये जाते है।

सीबीआई को गौ-तस्करी और कोयला के काले कारोबार के लिंक का शक

सीबीआई का कहना है कि इसी जिले में तारापीठ (शक्तिपीठ) मंदिर भी है, लेकिन वहां कभी इतने गहनों का चढ़ावा नहीं आया. अणुव्रत के काली मंदिर में प्रतिवर्ष स्वर्णाभूषण का वजन सीधे डबल हो जाता है। सीबीआई ने इन सब सवालों के जवाब तलाशने शुरू कर दिये हैं। सीबीआई को शक है कि इन स्वर्णाभूषणों के पीछे भी कहीं गौ तस्करी या कोयला के काला कारोबार का लिंक तो नहीं है?

पशु तस्करी मामले में गिरफ्तार बीरभूम जिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष अनुब्रत मंडल से सीबीआई लगातार पूछताछ कर रही है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, पिछले दिनों सीबीआई ने मंडल के अनुरोध पर उनकी बेटी सुकन्या मंडल से दो बार बातचीत भी कराई थी।
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियों को सुकन्या के नाम पर कई संपत्तियां मिली हैं। इसके आधार पर सीबीआई के अधिकारी बोलपुर स्थित उनके घर जाकर उनसे पूछताछ करना चाहते हैं। अनुब्रत मंडल की बेटी सुकन्या मंडल के नाम से दो कंपनियों का खुलासा हुआ है। उन कंपनियों में कई संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं। कंपनियों से बड़ी रकम उधार ली गई थी। 

इस मामले में सीबीआई का अनुमान है कि अनुब्रत मंडल ने खुद अपनी बेटी के जरिए इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया है। इसलिए सीबीआई सुकन्या से पूछताछ करके उनका बयान दर्ज कर सकती है। 

अनुब्रत मंडल की रक्षा कमान अस्पताल में चिकीत्सीय जांच 
अनुब्रत मंडल का रविवार को कोलकाता के रक्षा कमान अस्पताल में चिकित्सीय जांच कराया गया। इसके बाद निजाम पैलेस स्थित सीबीआई के कार्यालय ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि कई गंभीर रोगों से ग्रस्त मंडल के अस्पताल में कई परीक्षण किए गए। चिकित्सकों की एक टीम ने भी उनकी जांच की। 

अधिकारियों ने कहा कि अदालत के निर्देश पर मेडिकल जांच की गई, जिसने एजेंसी से नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की निगरानी करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि सीबीआई की एक टीम ने गुरुवार को टीएमसी के बीरभूम जिलाध्यक्ष मंडल को बोलपुर स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट अशोक झा

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