Khabar AajkalNewsPoliticsPopular

बैसाखी बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे

बैसाखी बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे
-अर्पिता और पार्थ की आज कोर्ट में पेशी
अशोक झा, सिलीगुड़ी: कोलकाता की एक विशेष अदालत ने एसएससी घोटाला मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को तीन दिनों के लिए (5 अगस्त तक) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेजा है।दोनों धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत आरोपों से जूझ रहे हैं। संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष पीएमएलए न्यायाधीश जीवन कुमार साधू ने दोनों आरोपियों की तीन दिनों की ईडी हिरासत मंजूर की। अदालत ने कहा कि दोनों को पांच अगस्त को फिर पेश किया जाए। वही पूर्व टीएमसी नेता बैसाखी बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने दावा किया कि चटर्जी के कार्यकाल के दौरान लोगों को शिक्षण संस्थानों में डायरेक्ट एंट्री मिल गई। मालूम हो कि बैसाखी पश्चिम बंगाल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटीज प्रोफेसर्स एसोसिएशन (डब्ल्यूबीसीयूपीए) की पूर्व महासचिव भी हैं। बनर्जी ने कहा, ‘यह देखना अजीब लगता था कि साधारण बैकग्राउंड से आने वाले स्टूडेंट लीडर्स एजुकेशनल सेक्टर में पावरफुल और बड़े नाम बन जाते थे। पश्चिम बंगाल कॉलेज यूनिवर्सिटी प्रोफेसर्स एसोसिएशन (WBCUPA) के बीच एक सिंडिकेट काम कर रहा था जो यूनिवर्सिटी में हर एक पोस्ट बेचने के लिए थी और जिसकी कीमत लगाई गई थी। पार्थ चटर्जी के चलते ऐसे लोग सीधे विश्वविद्यालय में आ गए जो स्कूल में भी नहीं पढ़ा सकते थे।’बैसाखी बनर्जी दावा करती हैं कि उन्होंने ये मामले पार्थ चटर्जी के सामने रखे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘पार्थ चटर्जी की वजह से चोरों को जॉब मिल रही थी। उन्होंने कहा, ‘अयोग्य चोरों को पार्थो चटर्जी की वजह से नौकरी मिल रही थी। मैंने कार्रवाई करने की कोशिश की, भ्रष्टाचार के आरोपी एक व्यक्ति को निलंबित किया और उन लोगों को डांट लगाई जो इसमें शामिल थे। कुछ दिनों के बाद मुझे समझ आया कि यह सब तो मुखौटा है। कुछ दिनों बाद वही लोग और अधिक शक्तिशाली तरीके से शिक्षा के क्षेत्र में वापस आने लगे। मैं समझ गई कि भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा और हालात और बिगड़ते चले गए।
जो स्कलू में पढ़ाने के काबिल भी नहीं थे वो विश्वविद्यालय में पढ़ाने लगे

SSC घोटाले में पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी पर पूर्व TMC नेता बैसाखी ने कहा कि इस सिंडिकेट का इशारा पार्थ चटर्जी पर जा रहा था,उन्होंने कई लोगों को बर्खास्त भी किया लेकिन ये सिर्फ दिखाने के लिया किया गया। पार्थ दलदल में फंसते जा रहे थे। उनके फेवर से ऐसे लोग जो स्कलू में पढ़ाने के काबिल नहीं थे वे विश्वविद्यालय में पढ़ाने लग गए थे। बैसाखी बनर्जी ने साथ ही कहा कि पार्थ चटर्जी अपने ऊपर किसी को नहीं मानते थे, यहां तक की ममता बनर्जी को भी नहीं। बैसाखी ने आगे कहा कि उन्होंने कई बार अपने पद का दुरुपयोग किया और शिक्षा विभाग को पूरी तरह से नियंत्रित किया। उन्होंने अपने लिए सारा भ्रष्टाचार किया। रिपोर्ट अशोक झा

Related Articles

Back to top button