Khabar AajkalNewsPoliticsPopular

अल कायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी की मौत के बाद दुनिया भर में अलर्ट

अल कायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी की मौत के बाद दुनिया भर में अलर्ट
– सीमावर्ती क्षेत्र को पहले से ही रखा गया है हाई अलर्ट पर
अशोक झा, सिलीगुड़ी: अल कायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी की मौत के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनिया भर में अलर्ट जारी किया है। सभी देशों को सतर्कता बरतने के लिए कहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने आगे कहा कि आतंकी संगठन अलकायदा प्रमुख अल-जवाहिरी की मृत्यु के बाद, अल-कायदा के समर्थक, या उससे संबद्ध आतंकवादी संगठन दुनिया भर में रह रहे अमेरिकी कर्मियों या नागरिकों पर हमला करने की कोशिश कर सकते हैं। चूंकि आतंकवादी हमले अक्सर बिना किसी चेतावनी के होते हैं, इसलिए अमेरिकी नागरिकों को हमेशा सतर्क रहने की आवश्यकता है। विदेश यात्रा करते समय खुद का ख्याल रखें। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकवादी अमेरिका के मित्र देशों को भी निशाना बना सकते हैं इसलिए सुरक्षा और खुफिया एजेंसी भी निगरानी बनाए रखें। वही दूसरी ओरबिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ में सामने आए टेरर माड्यूल की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे नित नए खुलासे हो रहे हैं। ऐसे में इससे जुड़े लोगों के बीच बौखलाहट बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि आईबी ने एक बार फिर से बिहार पुलिस को अलर्ट किया है।इसमें फुलवारी शरीफ मामले के बाद कट्टरपंथी संगठनों के द्वारा विरोध-प्रदर्शन के नाम पर समुदाय विशेष के लोगों को भड़काने या उकसाने की आशंका जताई गई है। खासकर उत्तर बंगाल सीमावर्ती क्षेत्र और बिहार और सीमांचल से जुड़े जिलों जैसे मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया आदि में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।सूत्रों के अनुसार केंद्रीय एजेंसियों ने इन जिलों में पीएफआई और कुछ अन्य कट्टरपंथियों विचारधाराओं वाले संगठनों द्वारा तनाव फैलाने की साजिश का अंदेशा जताया है। अलर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है कि कट्टरपंथी विचारधारा वाले कुछ साजिशकर्ता विशेष आयोजन में हुजूम का हिस्सा बनकर शामिल हो सकते हैं और लोगों को अशांति फैलाने के लिए उकसा सकते हैं।आईबी के इस अलर्ट के बाद प्रदेश के खुफिया एजेंसियों ने संबंधित जिलों को चौकस रहने का निर्देश दिया है। खुफिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दंगा भड़काने के लिए नूपुर शर्मा के बयान को भी आधार बनाया जा सकता है।इस बीच जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि आतंकी बिहार की जमीन को अपना नया अड्डा बना रहे हैं। बिहार बंगाल को वे एक सेफ स्लीपर जोन मान रहे हैं। इसका कारण है कि नेपाल और बांग्लादेश से इसकी सीमा लगी हुई हैं। जिसके कारण अपने मंसूबों को अंजाम देने में इन्हें सहुलियत होती है। इसके लिए 3 मॉड्यूल एक साथ काम कर रहे हैं।नेपाल बॉर्डर और बाग्लादेश सीमा से दिल्ली तक आतंकी गलियारा तैयार किया जा रहा है। तीनों संगठनों के काम करने का ट्रेंड तो अलग-अलग है। लेकिन टारगेट भारत को तबाह करना है। तबाही के मिशन पर काम करने वालों में आतंकी संगठन सिमी का अपडेट वर्जन भी शामिल है, जो पीएफआई से जुडे संदिग्ध लोगों से मिलकर अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं। सिमी के पुराने सदस्यों की मदद से 2047 तक मुस्लिम राष्ट्र बनाने के मकसद से पीएफआई बिहार में अपने संगठन और नेटवर्क को मजबूत करने में लगा हुआ है।सूत्रों के अनुसार बिहार में वैसे लोगों की तलाश की जाती थी, जिनकी सोंच कट्टरपंथी सोच से मिले। फिर उन लोगों का ब्रेन वॉश किया जाता था। फुलवारी शरीफ में गिरफ्तार आरोपी का कतर से कनेक्शन सामने आया है। पुलिस ने जांच में खुलासा किया है कि आरोपी को कतर से कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी फंडिंग मिल रही थी।मारगुव अहमद दानिश को कतर स्थित संगठन ‘अल्फाल्ही’ से क्रिप्टोकरंसी के रूप में फंडिंग मिली थी। ‘जांच में सामने आया है कि व्हाट्सऐप ग्रुप ‘गजवा-ए-हिंद’ पर राष्ट्रीय ध्वज और प्रतीक का अपमान करने वाले मैसेज शेयर किये गए थे।इसके साथ ही एटीएस के निशाने पर दरभंगा की एक महिला भी है। उस महिला के पास काफी इनपुट होने की जानकारी जांच एजेंसियों के हांथ लगी है। यही कारण है कि एटीएस ने सबसे पहले उस महिला को ही टारगेट करने का निर्णय लिया है। उसके घर छापेमारी कर सघन पूछताछ की जाएगी।उधर, एनआईए इस मामले की जांच कई तथ्यों के आधार पर करेगी। इसमें सबसे प्रमुख फुलवारीशरीफ के पीएफआई मॉड्यूल का कनेक्शन बांग्लादेशी आतंकी संगठन जेएमबी (जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश) और अन्य प्रतिबंधित संगठनों के साथ तलाशना है। इसकी मुख्य वजह कुछ दिनों पहले एनआईए का जेएमबी के मुख्य एजेंट अली असगर उर्फ अब्दुल्ला बिहारी को गिरफ्तार करना है। इस पूरे मामले को लेकर पैनी निगाह रखने का दिशा निर्देश होम मिनिस्ट्री के द्वारा सभी जिले के डीएम और एसपी को दिया गया है। कई अन्य बिंदुओं को लेकर मंतव्य की भी मांग की गई है। इंडो-नेपाल बॉर्डर पर भी एसएसबी के जवानों के द्वारा सख्ती बढ़ा दी गयी है।सीमांचल के सभी जिलों के कारा तथा उपकारा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पश्चिम बंगाल और नेपाल की तरफ से आने वाली गाड़ियों पर भी पैनी निगाह रखी जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग 31 और 57 पर संबंधित थाना के पुलिस की गश्त गाड़ी को 24 घंटे नजर रखने को लेकर कहा गया है । सभी जिले के एसपी को आईजी के द्वारा थानाध्यक्षों के साथ बैठक कर कई तरह के दिशा निर्देश जारी करने को लेकर कहा है। इस तरह की तमाम बिंदुओं पर होम मिनिस्ट्री के द्वारा नजर रखी जा रही है और इसकी रिपोर्टिंग ली जा रही है। एसएसबी के डीआईजी एसके सारंगी ने बताया कि होम मिनिस्ट्री के मिले दिशा निर्देश के आलोक पर इंडो-नेपाल बॉर्डर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। स्वत्रंतता दिवस और कई अन्य धार्मिक त्यौहार के मद्देनजर एहतियात बरती जा रही है। केंद्रीय कारा अधीक्षक राजीव कुमार झा ने बताया कि केंद्रीय कारा में आगामी स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय कारा पूर्णिया, इंडो – नेपाल बॉर्डर से सटे अररिया और पश्चिम बंगाल से सटे किशनगंज के कारा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है । वॉच टॉवर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। रक्षाबंधन त्यौहार में भारी संख्या में जेल में बंद बंदियों को राखी पहनाने के लिए उनकी बहने जेल के आगे आती है । इस तरह के भी तमाम बिंदुओं को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने को लेकर कहा गया है । सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हो इसलिए तीन चरण में जांच पड़ताल करने के बाद ही किसी को भी केंद्रीय कारा परिसर में प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही है। सीमांचल के सभी जिलों के एसपी को स्वतंत्रता दिवस, मोहर्रम रक्षाबंधन सावन की पूर्णिमा में जुटने वाले भीड़ के मद्देनजर कई तरह के दिशा निर्देश दिए गए हैं। 24 घंटे पुलिसकर्मियों को मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है। मोहर्रम में निकलने वाले ताजिया जुलूस का रूट चार्ट वेरीफिकेशन करने के बाद ही उसकी अनुमति देने समेत कई अन्य बिंदुओं को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस मामले को लेकर पैनी निगाह रखी जा रही है । मामले की मॉनिटरिंग की जा रही है ।
सार्वजनिक स्थानों पर सादे ड्रेस में पुलिस की तैनाती
धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक जगहों पर सादे लिवास में पुलिस की तैनाती की जा रही है। सभी थानाध्यक्षों को शांति समिति की बैठक करने के साथ ही असामाजिक तत्वों की सूची तैयार करना और उनका नाम गुंडा पंजी में दर्ज करने को लेकर भी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं । अधिकांश मामलों में पिछले कई सालों से फरार चल रहे अपराधियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजने आगामी त्यौहार के मद्देनजर पुलिस कर्मियों की मुस्तैदी थाना क्षेत्र के चिन्हित जगहों में लगाने को लेकर भी आदेश दिया है गया है। रिपोर्ट अशोक  झा

Related Articles

Back to top button