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पार्थ अर्पिता के बाद  टीएमसी विधायक कृष्ण कल्याणी के कंपनी को ईडी का नोटिस

पार्थ अर्पिता के बाद  टीएमसी विधायक कृष्ण कल्याणी के कंपनी को ईडी का नोटिस
– क्या अगला शिकंजा दिलीप अग्रवाल और डीएम के पति पर कसेगा
अशोक झा, सिलीगुड़ी: शिक्षक नियुक्ति घोटाला और बंगाल में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार किटी और सीबीआई अपना दायरा बढ़ाने में लगी है। टीएमसी विधायक कृष्ण कल्याणी की कंपनी को प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी) ने नोटिस दिया है। मिल रही जानकारी के अनुसार पिछले दिनों भाजपा नेता वह पश्चिम बंगाल विधानसभा में विरोधी दल नेता शुभेंदु अधिकारी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला था। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि भ्रष्टाचार की जड़े काफी गहरी है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर सीधा आरोप लगाया था । कहा था कि खनन माफिया से सांठगांठ से सिलीगुड़ी के व्यापारी दिलीप अग्रवाल और पूर्व वर्तमान के डीएम के प्रति जो इन दिनों सिलीगुड़ी में रहते हैं के माध्यम से प्रत्येक माह 45 लाख रुपया बनर्जी तक पहुंचता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले दिनों में इन दोनों पर भी ईडी का शिकंजा कस सकता है। इतना ही नहीं ईडी की नजर उत्तर बंगाल की जीएसटी के बड़े पैमाने पर हो रहे चोरी सिंडिकेट पर भी है। इसमें कारोबारियों के साथ कुछ अधिकारियों केे भी नाम सामने आ रहे हैं। देखना है कि इस पर शिकंजा कैसे और कब करता है। जहां तक कृष्ण कल्याणी के संबंध में बताया गया है वह उत्तर बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले की रायगंज सीट से तृणमूल कांग्रेस के विधायक है।इनकी कंपनी स्लोवेक्स प्राइवेट लिमिटेड को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA ) (2002) के तहत यह नोटिस दिया गया है,इस नोटिस में ईडी ने कंपनी द्वारा कोलकाता टीवी चैनल और रोज टीवी चैनल के माध्यम से दिए गए विज्ञापनों की जानकारी मांगी है,साल 2018 -19 ,2019 -20 और 2021 -22 में दिए विज्ञापनों की जानकारी मांगी गई है। विज्ञापनों की अवधी,प्रति सेकंड के हिसाब से विज्ञापन दर और कुल दिए गए पैसो की जानकारी मांगी गई है,चैनेलों के किन किन खातों में कितने रुपये दिए यह जानकारी भी कंपनी से मांगी गई है। यह नोटिस ईडी ने पीएमएलए एक्ट की धारा 50 के तहत दिया है,यह धारा ईडी को यह अधिकार देता है की वह किसी भी व्यक्ति या कंपनी को नोटिस देकर सबूतों की मांग कर सकता है। पश्चिम बंगाल एसएससी घोटाले में राज्य सरकार के पूर्व मंत्री और टीएमसी के बड़े नेता पार्थ चटर्जी के खिलाफ ईडी की जांच और उनकी करीबी अर्पिता मुख़र्जी के घरों से 50 करोड़ से ज्यादा कैश और पांच किलो सोने और जेवरात मिलने के बाद टीएमसी की मुश्किलें बढ़ी हुए है,पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से और पार्टी के महासचिव पद से हटाना पड़ा है। रिपोर्ट अशोक झा

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