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राज्य में मां माटी मानुष नहीं बल्कि यहां कटमनी, भ्रष्टाचार और सिंडिकेट का राज है: सांसद राजू बिष्ट

राज्य में मां माटी मानुष नहीं बल्कि यहां कटमनी, भ्रष्टाचार और सिंडिकेट का राज है: सांसद राजू बिष्ट
– कहा, पार्थो चटर्जी तो मात्र एक मोहरा अभी लंबी लिस्ट है
– विवेकानंद और अरविंद की शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने वाले को माफ नहीं करेगी जनता 
अशोक झा, सिलीगुड़ी: शिक्षक नियुक्ति घोटाले को लेकर राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी और उसके करीबी के घर से 21 करोड़ से अधिक की राशि की बरामदगी के बाद राजनीतिक भूचाल आया हुआ है । इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दार्जिलिंग के सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू बिष्ट ने कहा कि बंगाल में मां माटी मानुष की सरकार ने की बल्कि कट मनी भ्रष्टाचार सिंडिकेट की सरकार 2011 से चल रही है। राज्य में कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं जहां बिना भ्रष्टाचार के कोई भी काम हो पाए। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी पिछले कुछ वर्षों से लगातार इस भ्रष्टाचार में लिप्त सरकार को सत्ता से उखाड़ कर बंगाल के लोगों को यहां की युवा प्रतिभाओं को उनका अधिकार देना चाहती थी। बिष्ट ने कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव है और ऐसे में देश भर के युवाओं से मिलते रहते हैं बंगाल के युवा प्रतिभा होने के बावजूद बंगाल की व्यवस्थित व्यवस्था के बीच पलायन पर मजबूर है। शारदा चिटफंड हो या,कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), कालेज सर्विस कमीशन(सीएससी), कोयला घोटाला, खनन माफिया, गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) घोटाला, मेट्रो डेयरी, एचआइएमयूएल, सिविक पुलिस, मनरेगा, पीएमजीएसवाई, पीएमएवाई, पीएचई, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर लूट मची हुई है। घोटाला इस प्रकार मुंह बाय खड़ा है। जो राज्य के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर रहने वाले राज्यपाल को तो देखता था पर ममता बनर्जी और उनकी मंत्रिमंडल को नहीं।  तृणमूल कांग्रेस के नेताओं  ने तो हद कर देगी प्राकृतिक आपदा कोष का भी सार्वजनिक बंदरबांट किया  है। बिष्ट ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में पश्चिम बंगाल ने शिक्षा प्रणाली का व्यवस्थित विनाश देखा है। यहां शिक्षा के नाम पर स्कूलों और कालेजों में नियुक्ति योग्यता के आधार पर नहीं की जाती है।  तृणमूल कांग्रेस और उनके गठबंधन दलों को उम्मीदवार के समर्थन और तृणमूल कांग्रेस से संबद्ध नेताओं और उनके परिवार को मोटी रकम लेकर दी जाती है। राज्य के हजारों युवक युवती बीएड और डीएलईडी डिग्री पास कर चुके हैं वे आज साइड लाइन में हैं।  योग्य शिक्षकों को काम पर रखने के बजाय पश्चिम बंगाल सरकार उन पदों को भरने की अनुमति दे रही है जो भले ही नेट पास ना हों, लेकिन तृणमूल कांग्रेस से जुडे़ हों। इस बात को उजागर करने वाले विरोधी दलों के नेताओं को वह तो झूठे मामले में फंसा दिया जाता है यह उसकी हत्या ही करवा दी जाती है। वेस्ट ने कहा कि हम उत्तर बंगाल के पर्वतीय क्षेत्र से संसद है। उत्तर बंगाल की स्थिति बद से बदतर है। जिसकी बात करने पर भाजपा नेताओं को बंग बंग विरोधी बताया जाता है। उन्होंने कहा कि 2011 में जीटीए समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद से कोई एसएससी या कालेज सेवा आयोग (सीएससी) भर्ती नहीं हुई। तृणमूल कांग्रेस और उनके गठबंधन दल साक्षात्कार आयोजित किए बिना, जिसे चाहें भर्ती कर रहे हैं। जीटीए शिक्षक भर्ती में भी भ्रष्टाचार के बड़े आरोप लगे हैं।इन सभी ने मिलकर पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। अयोग्य शिक्षकों की नियुक्ति राज्य की वर्तमान और आने वाली नस्लों को बर्बाद करने के लिए तैयार है।बिष्ट ने उम्मीद जताई है कि केंद्र में जो सरकार अभी बैठी है वह भ्रष्टाचार को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। अपने पिछले 8 सालों के दौरान उसने यह साबित किया है और यही कारण है कि हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री का नारा है ना खाएंगे ना खाने देंगे। उन्होंने कहा कि  जांच का दायरा और तेज होगा। इसमें शामिल जो भी होंगे वह जनता के सामने आएंगे यहां के प्रतिभावान युवाओं को उनको न्याय मिलेगा। रिपोर्ट अशोक झा

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