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ईडी कोर्ट से मांगेगी पार्थ चटर्जी की रिमांड

ईडी कोर्ट से मांगेगी पार्थ चटर्जी की रिमांड

-अर्पिता के बाद अब पार्थ की एक और करीबी मोनालिसा दास का नाम सामने आया
-मोनालिसा 10 फ्लैटों की ‘मालिक’ है
अशोक झा, सिलीगुड़ी: शिक्षक नियुक्ति घोटाले में सीबीआई जांच के बाद ईडी ने पूर्व शिक्षा मंत्री वर्तमान के उद्योग मंत्री तथा तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थो चटर्जी को गिरफ्तार किया है। मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया है। पार्थ चटर्जी के करीबी अर्पिता के घर से मिली नगदी और तथ्यों के आधार पर पार्थो चटर्जी की मुश्किलें बढ़ सकती है। ईडी कोर्ट से सबूतों के आधार पर गहन पूछताछ के लिए रिमांड पर मांगेगी। परसों के एक और करीबी महिला के पास से 10 फ्लैट का संज्ञान भी ईडी के पास है। मंत्री की करीबी माने जाने वाली अभिनेत्री अर्पिता मुखर्जी से ईडी के अधिकारी पिछले 30 घंटों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी टालीगंज स्थित डायमंड सिटी के आलीशान फ्लैट में उनके पूछताछ कर रही है। ईडी के अधिकारियों ने अर्पिता चटर्जी के पास से ईडी ने 21 करोड़ 2 लाख रुपए, 79 लाख रुपये के गहने, 54 लाख मूल्य की विदेशी मुद्रा, कोलकाता में आठ फ्लैट, 20 मोबाइल सहित कोलकाता और जिलों में जमीन के कागजात जब्त किये हैं। अर्पिता मुखर्जी के पास से जब्त नोट में शिक्षा विभाग के लिफाफे में बरामद किये गये हैं। बता दें कि ईडी के अधिकारी शुक्रवार से लगातार छापेमारी कर रहे हैं. अर्पिता चटर्जी के फ्लैट से भारी मात्रा में पैसे की बरामदगी के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक भूचाल आ गया है. खबर है कि ईडी ने अर्पिता के घर नोट गिनने वाली दो और मशीनें मंगाई हैं. इस मामले में अभी और खुलासे हो सकते हैं।

अर्पिता ने बताया- धांधली का बड़ा चेन कर रहा था काम
ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अर्पिता चटर्जी पूछताछ में असहयोग कर रही हैं। अर्पिता के घर से शिक्षा विभाग के लिफाफे में 500 और 2000 रुपए के नोट मिले हैं। ईडी के अधिकारियों ने यह जानना चाहा कि इतने अधिक मात्रा में राशि कहां से आयी? इनके आय के क्या स्त्रोत हैं? ईडी के अधिकारियों ने पूछा कि शिक्षा विभाग के लिफाफे में उनके पास बस्ताबंदी नोट कहां से आयें? ईडी अधिकारियों ने दावा किया कि अर्पिता ने पूछताछ ने खुलासा किया कि शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली के लिए एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। इस नेटवर्क के तार मंत्री से लेकर आला अधिकारियों तक जुड़े हुए थे। ईडी के अधिकारियों ने दावा किया कि एक पूरी चेन काम कर रही थी।

घूस के मिले रुपयों का होता था मंत्री से लेकर अधिकारियों तक में बंदरवाट
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि धांधली का एक पूरा चेन काम कर रहा था। इस चेन में सबसे निचली कड़ी दलाल हुआ करते थे। वे दलाल नौकरी पाने वाले लोगों से संपर्क करता था और वह दलाल के माध्यम से पैसा देता था। उसके बाद उसे नौकरी का वादा किया जाता था। उससे जो पैसे मिलते थे। वह शिक्षा विभाग के कर्मचारी से लेकर अधिकारी यहां तक मंत्री और पार्टी का भी हिस्सा हुआ करता था। इस पैसे का बंटवारा होता था। ईडी के अधिकारियों का दावा है कि इस मामले में सीधे रूप से पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनके कई अधिकारियों के नाम जुड़ रहे हैं और उनके खिलाफ पक्का सबूत मिले हैं, जिन्हें ईडी के अधिकारी कोर्ट में साबित करेंगे।

इस मामले में अर्पिता के बाद अब पार्थ की एक और करीबी मोनालिसा दास का नाम सामने आया है. कहा जा रहा है कि मोनालिसा 10 फ्लैटों की ‘मालिक’ 

ईडी ने छापेमारी के दौरान अर्पिता मुखर्जी के घर से 21 करोड़ रुपए बरामद किए हैं। इसके बाद शाम होते होते इस मामले में एक और नाम सामने आया। अब मोनालिसा दास को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मोनालिसा को भी पार्थ चटर्जी की करीबी के रूप में जाना जाता है। ईडी ने मोनालिसा के नाम पर कम से कम 10 फ्लैटों का पता लगाया है। उन्होंने साल 2014 में आसनसोल में काजी नजरूल विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया था और वर्तमान में उसी विश्वविद्यालय में बंगाली विभाग की प्रमुख हैं।

कौन हैं मोनालिसा दास?

सूत्रों के मुताबिक, मोनालिसा की प्रोफेसर के तौर पर नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्हें कथित तौर पर प्रभाव के माध्यम से नौकरी मिलने का आरोप लगाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इनकी नियुक्ति के पीछे पार्थ चटर्जी की विशेष भूमिका थी। वर्तमान में काजी नजरूल विश्वविद्यालय की वेबसाइट देखने पर पता चला कि मोनालिसा दास बंगाली विभाग की प्रमुख हैं। मोनालिसा दास को शिक्षिका बताया जा रहा है और इनका घर शांतिनिकेतन में है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि पार्थ चटर्जी के साथ उनके रिश्ते अब कैसे हैं, लेकिन एक साधारण प्रोफेसर के नाम इतने फ्लैट कैसे हो गए? यह सवाल उठ रहे हैं।

कई सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश में ईडी?

इस मामले में ईडी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अर्पिता मुखर्जी और मोनालिसा दास के पास इतनी बड़ी संपत्ति कहां से आई।इसके पीछे पार्थ चटर्जी की भूमिका है या नहीं? और अगर ऐसा है तो इसमें पार्थ की भूमिका कितनी मजबूत है? रिपोर्ट अशोक झा

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