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 ला गणेशन ने सोमवार की शाम को राजभवन में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में ली शपथ

 ला गणेशन ने सोमवार की शाम को राजभवन में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में ली शपथ
-बीजेपी के नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को नहीं भेजा गया आमंत्रण 
अशोक झा, सिलीगुड़ी: मणिपुर के राज्यपाल ला गणेशन ने सोमवार की शाम को राजभवन में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव ने शपथ दिलाई। गणेशन  को मणिपुर के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बता दें कि जगदीप धनखड़ को राजग की ओर से उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाये जाने के बाद उन्होंने बंगाल के राज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद से यह पद खाली हुआ है। उसके बाद गणेशन को मणिपुर के साथ बंगाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। शपथ समारोह के अवसर पर सीएम ममता बनर्जी उपस्थित थीं। उन्होंने नये राज्यपाल का स्वागत किया, लेकिन बीजेपी के नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को आमंत्रण नहीं भेजा गया था। इसे लेकर विवाद पैदा हो गया है।राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जगदीप धनखड़ का पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद से त्यागपत्र स्वीकार कर लिया था और मणिपुर के राज्यपाल को नियमित व्यवस्था होने तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के तौर पर उन्हें अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था।
ममता बनर्जी ने राज्यपाल का किया स्वागत

नये राज्यपाल के शपथ समारोह के अवसर पर राज्य की सीएम ममता बनर्जी सहित आला अधिकारी उपस्थित थे। ममता बनर्जी ने राज्यपाल को शॉल उठाकर और गुलदस्ता देकर स्वागत किया। उसके बाद ममता बनर्जी नये राज्यपाल के साथ चाय पार्टी में शामिल हुईं। इस अवसर पर ममता बनर्जी और नये राज्यपाल आपस में बातचीत भी करते देखे गये। बता दें कि इसके पहले के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के साथ ममता बनर्जी के अच्छे रिश्ते नहीं थे। विवाद के बाद ममता बनर्जी ने धनखड़ को अपने ट्वीटर अकाउंट पर ब्लॉक कर दिया था।

ममता के मंत्री को नये राज्यपाल से अच्छे रिश्ते की आस

मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा, ‘पिछले तीन वर्षों में हमने एक असाधारण चरित्र देखा है। इससे पहले राज्यपाल आए थे। कोई भी इस स्तर पर नहीं उतरा था। मुझे उम्मीद है कि जो नये राज्यपाल आए हैं। वह तब तक हैं, एक अच्छा रिश्ता बनाए रखेंगे। ‘ बता दें कि पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ के साथ तृणमूल कांग्रेस के रिश्ते ठीक नहीं थे। राज्यपाल और ममता सरकार के बीच प्रायः ही तकरार होती रहती थी और अब जब जगदीप धनखड़ की जगह ला गणेशन को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, तो तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को आशा है कि उनके रिश्ते अब अच्छे रहेंगे। रिपोर्ट अशोक झा

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