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जिहादी दस्‍ते के निशाने पर नूपुर शर्मा और उनके समर्थक

जिहादी दस्‍ते के निशाने पर नूपुर शर्मा और उनके समर्थक
-जिहादी दस्‍ते का मंसूबा इस्‍लाम विरोधियों से बदला लेना था
राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच लिए अपने हाथ कई संदिग्ध को लिया हिरासत में
अशोक झा, सिलीगुड़ी:  बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ इलाके से देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्‍त होने के आरोप में गिरफ्तार संदिग्‍धों के खिलाफ दर्ज FIR से चौंकाने वाले खुलासे हुए।
जिहादी दस्‍ते के निशाने पर नूपुर शर्मा और उनके समर्थक थे। एफआईआर से यह बात भी सामने आई है कि जिहादी दस्‍ते का मंसूबा इस्‍लाम विरोधियों से बदला लेना था। इस खुलासे के बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बाद पुलिस भी चौकस हो गई है। इस मामले की गंभीरता से छानबीन की जा रही है और इसमें संलिप्‍त अन्‍य संदिग्‍धों की तलाश भी की जा रही है। राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को भी फुलवारी शरीफ में छापा मारकर एक संदिग्‍ध को हिरासत में लिया था। इससे पहले पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्‍य मोहम्‍मद जलालुद्दीन और अतहर परवेज को हिरासत में लिया गया था। बताया जाता है कि फुलवारी शरीफ में पीएफआई और एसडीपीआई संगठन के नाम पर जिहादी दस्‍ता तैयार किया जा रहा था। पटना के फुलवारी शरीफ के नया टोला में देश विरोधी साजिश रचने वाले संदिग्ध आतंकियों का मकसद इस्लाम का विरोध करने वालों से बदला लेना था। इसी मकसद से एसडीपीआई और पीएफआई की आड़ में गुप्त जिहादी दस्ता तैयार करने के लिए बाकायदा ट्रेनिंग दी जा रही थी। देशभर के समुदाय विशेष के युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्‍हें जिहादी दस्‍ते से जोड़ने का प्रयास चल रहा था। गुप्त संगठन का मकसद सोशल मीडिया यानी फेसबुक, टि्वटर समेत अन्‍य दूसरे माध्यमों से इस्लाम पर कमेंट या फिर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों को निशाना बनाकर उनपर हमला करना था। गिरफ्तार जलालुद्दीन और अतहर के पास से जो सामग्री बरामद हुई है, उससे साफ है कि संगठन का मुख्य उद्देश साल 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने का था।
अरमान मलिक करता था फंड की व्‍यवस्‍थाएसडीपीआई और पीएफआई की आड़ में देश विरोधी साजिश रचने का पर्दाफाश बुधवार को हुआ था। इन दोनों से पूछताछ के बाद अरमान मलिक को भी गिरफ्तार किया गया है। अरमान भी फुलवारी शरीफ इलाके का ही रहने वाला है. बैठक के लिए फंड का इंतजाम अरमान मलिक ही करता था। पुलिस इन तीनों के संपर्क में रहने वाले 23 दूसरे लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। इसमें पटना और दरभंगा के अलावा दूसरे राज्यों के लोग भी शामिल हैं। गिरफ्तार तीनों संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।
23 लोगों के नाम आए हैं सामने: फुलवारी शरीफ थाने में दर्ज केस में इस बात का उल्‍लेख है कि भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान के खिलाफ बदला लेने के लिए मुहिम चलाई जा रही है. इसी क्रम में महाराष्ट्र के अमरावती और राजस्थान के उदयपुर में बदला लिया गया. इस मुहिम में सक्रिय 23 दूसरे लोगों के नाम भी सामने आए हैं. पुलिस उनकी गिरफ्तारी में जुटी हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पटना आगमन के 1 दिन पहले दिल्ली से इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट पर 4 थानों की पुलिस ने फुलवारी शरीफ के नया टोला में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कार्यालय में छापा मारा था. जांच में पता चला कि फुलवारी शरीफ स्थित इस कार्यालय में केरल, तमिलनाडु जैसे दक्षिण भारतीय राज्‍यों के लोगों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा था। फुलवारीशरीफ में आतंक की पाठशाला चल रही थी। मार्शल आर्ट व शारीरिक शिक्षा के नाम पर देश विरोधी अस्त्र-शस्त्र चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। इस मामले में प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन सिमी के पूर्व सदस्य अतहर परवेज और झारखंड पुलिस से रिटायर्ड दारोगा मो जलालुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों फिलहाल पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) व सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआइ) के सक्रिय सदस्य हैं। इनके पास से पीएफआइ का झंडा, पंपलेट, बुकलेट व गुप्त दस्तावेज के साथ ही 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के लिए मुहिम चलाने से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। केरला से लोग आकर प्रशिक्षण लेते थे। देश की इंटेलिजेंस एजेंसियों के द्वारा इनपुट मिलने के बाद पुलिस टीम कुछ दिन पहले ही हरकत में आ गयी थी। सोमवार की रात पुलिस ने बड़े ही गुप्त ढंग से दोनों को गिरफ्तार कर लिया।  पुलिस ने दो लोगों को पहले पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। दो दिनों के बाद मकान मालिक जलालुद्दीन को बांड पर छोड़ दिया गया। एनआए और एटीएस के अधिकारियों ने पूछताछ कर आइबी द्वारा दी गयी जानकारी का मिलान कराया। बताया जाता है कि दिल्ली आइबी द्वारा दिया गया पूरा इम्पुट का मिलान हो गया है। यहां कार्यालय में केरला से लोग आकर प्रशिक्षण लेते थे। कम पढ़े लिखे युवाओं का होता था ब्रेनवाश: पुलिस ने मकान मालिक जलालुद्दीन को भी गिरफ्तार कर लिया. आइबी और अन्य एजेंसी से पुलिस को सूचना मिली थी कि अतहर परवेज नाम का शख्स रिटायर्ड दारोगा मोहम्मद जलालुद्दीन के घर में कार्यालय खोलकर देश विरोधी गतिविधियां चला रहा है।  वह युवाओं की फौज तैयार कर रहा है। वह भोले भाले और कम पढ़े लिखे युवाओं का ब्रेनवाश कर उन्हें देश विरोधी घटनाओं को अंजाम देने के लिए ट्रेंड कर रहा है। उसके यहां प्रशिक्षण लेने के लिए झारखंड और बंगाल तक के लोग आ रहे थे। इससे पहले भी फुलवारी शरीफ से आतंकी संगठनों से जुड़े कुछ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ट्रेनिंग के लिए केरल से बुलाते थे ट्रेनर :एएसपी मनीष कुमार ने बताया कि सिमी के पूर्व सदस्य अतहर परवेज और झारखंड पुलिस से रिटायर्ड दारोगा मो जलालुद्दीन के खाते में करोड़ों रुपये विदेशों से आने की जानकारी मिली है।पुलिस को इनके पास से 14 लाख, 30 लाख और 40 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन का भी प्रमाण मिला है। इसकी जांच की जा रही है. साथ ही इन रुपयों के सहारे केरला से प्रशिक्षित लोगों को बुला कर यहां के लोगों को कई तरह का प्रशिक्षण भी दिलाया गया। विदेशों से आये अवैध धन के माध्यम से अतहर परवेज और रिटायर्ड दारोगा जलाउद्दीन खां ने करोड़ों की संपत्ति बनायी है। इसकी भी जांच की जा रही है। रिपोर्ट अशोक झा

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