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देश की आजादी की 100वीं वर्षगांठ तक भारत में एक ‘इस्लामी सरकार’ स्थापित करने की योजना 

देश की आजादी की 100वीं वर्षगांठ तक भारत में एक ‘इस्लामी सरकार’ स्थापित करने की योजना 
-पटना के फुलवरीशरीफ में छापेमारी कर देश विरोधी साजिश का भंडाफोड़ 
-चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से लिंक वाले कुछ संभावित आतंकी मॉड्यूल 
अशोक झा सिलीगुड़ी : बिहार पुलिस ने पटना के फुलवरीशरीफ में छापेमारी कर देश विरोधी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने नयाटोला में चलाए जा रहे एक कार्यालय में छापेमारी कर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।बिहार पुलिस ने देश की आजादी की 100वीं वर्षगांठ तक भारत में एक ‘इस्लामी सरकार’ स्थापित करने की योजना की बात करने वाले एक खतरनाक दस्तावेज का खुलासा किया है। बिहार पुलिस द्वारा 13 जुलाई को चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से लिंक वाले भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल कुछ संभावित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और फुलवारी शरीफ से दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद ‘इंडिया 2047- टुवर्ड्स रूल ऑफ इस्लाम इन इंडिया’ शीर्षक से आठ पन्नों का दस्तावेज बरामद किया है। तीसरे आरोपी को आज गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार की गई जोड़ी में मोहम्मद जल्लाउद्दीन झारखंड का एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी और अतहर परवेज प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया का पूर्व सदस्य और पीएफआई और एसडीपीआई का वर्तमान सदस्य हैं। नॉट फॉर सर्कुलेशन’ के रूप में चिह्नित आंतरिक दस्तावेज के अंशों में कहा गया है कि पीएफआई को विश्वास है कि अगर कुल मुस्लिम आबादी का 10 प्रतिशत भी इसके पीछे रैली करता है, तो संगठन ‘बहुसंख्यक समुदाय को अपने घुटनों के बल अपने अधीन कर लेगा और भारत में इस्लाम की महिमा को वापस लाएगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, यह रोडमैप सभी पीएफआई नेताओं द्वारा ध्यान में रखने के लिए तैयार किया गया है और तदनुसार इस लक्ष्य के लिए पीएफआई कैडरों, विशेष रूप से और मुस्लिम समुदाय को सामान्य रूप से मार्गदर्शन करने के लिए तैयार किया गया है। पीएफआई दस्तावेज के अनुसार, ”पार्टी सहित हमारे सभी फ्रंटल संगठनों को नए सदस्यों के विस्तार और भर्ती पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए. हम अपने पीई विभाग में सदस्यों की भर्ती और प्रशिक्षण शुरू करेंगे, जिसमें उन्हें हमला करने और रक्षात्मक तकनीकों, तलवारों, छड़ों और अन्य हथियारों के उपयोग पर प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।  बिहार पुलिस द्वारा पहचाने गए पीएफआई दस्तावेज में कार्यकारी और न्यायिक पदों के साथ-साथ पुलिस और सेना सहित सरकारी विभागों में ‘वफादार मुसलमानों’ की भर्ती करने की योजना भी शामिल है. दस्तावेज के अनुसार पीएफआई ने आरएसएस को केवल ‘उच्च जाति के हिंदुओं’ की रुचि वाला संगठन बताकर ‘आरएसएस और एससी ,एसटी ,ओबीसी के बीच एक विभाजन बनाने’ की योजना बनाई है। दस्तावेज में कहा गया है कि उनके हित के खिलाफ लोगों को ‘समाप्त’ किया जाना है. ये पीई कैडर हमारे विरोधियों द्वारा सुरक्षा बलों के प्रभाव के खिलाफ एक सुरक्षा के रूप में भी काम करेंगे। दस्तावेज में उल्लिखित कार्रवाई योग्य बिंदुओं में ‘शिकायतों की स्थापना’, सामूहिक लामबंदी- समावेशिता, आउटरीच और जुड़ाव (जुटाना), हर घर में एक पीएफआई, सदस्यों की भर्ती और प्रशिक्षण, संघ परिवार के नेताओं के खिलाफ जानकारी का संग्रह शामिल है। दस्तावेज में कहा गया है कि ”राज्य के साथ एक पूर्ण प्रदर्शन के परिदृश्य में, हमारे प्रशिक्षित पीई कैडरों पर भरोसा करने के अलावा, हमें मित्रवत इस्लामी देशों से मदद की आवश्यकता होगी। पिछले कुछ वर्षों में, पीएफआई ने इस्लाम के ध्वजवाहक तुर्की के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित किए हैं. कुछ अन्य इस्लामी देशों में विश्वसनीय मित्रता विकसित करने के प्रयास जारी हैं।  छापेमारी और दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद, सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) फुलवारी शरीफ मनीष कुमार ने कहा कि दस्तावेज से बरामद आठ पृष्ठ लंबे दस्तावेज का एक अंश ‘कायर बहुसंख्यक समुदाय को अधीन करने और मजहब में वापस लाने’ के बारे में बात करता है। पुलिस अधिकारी ने कहा, ”भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पिछले दो महीनों से आरोपी दूसरे राज्यों के लोग आ रहे थे. आने वाले लोग टिकट बुक करते समय और होटलों में रहते हुए अपना नाम बदल रहे थे.” उन्होंने कहा कि कुल 26 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें से 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कुमार ने कहा कि गिरफ्तार परवेज का छोटा भाई सिमी पर प्रतिबंध लगने के बाद राज्य में 2001-02 में हुए बम विस्फोटों में जेल गया था. पुलिस अधिकारी ने कहा कि परवेज ने भी लाखों का चंदा जुटाया था. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को मार्शल आर्ट के नाम पर तलवारों और चाकुओं का इस्तेमाल करना सिखाया गया और आरोपियों ने दूसरों को धार्मिक हिंसा के लिए उकसाया। कुमार ने कहा, ”6-7 जुलाई को, मार्शल आर्ट के नाम पर, स्थानीय लोगों को तलवार और चाकू का उपयोग करना सिखाया गया था. उन्होंने दूसरों को धार्मिक हिंसा के लिए उकसाया. हमारे पास सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ गवाहों के खाते भी हैं। परवेज ने भी लाखों में धन जुटाया। फुलवारी में गिरफ्तार दोनों अतहर परवेज और जलालुद्दीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पटना आगमन के समय पटना को दहलाने की साजिश रची थी। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर देश की इंटेलिजेंस एजेंसियां अलर्ट मोड में थी। समय रहते इन एजेसियों को इस साजिश का पता चल गया। आइबी के इनपुट पर स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और साजिश रचलने वाले परवेज और जलालुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया।
परवेज का कनेक्शन पूर्व में गांधी मैदान बम ब्लास्ट से भी
मोहम्मद अतहर परवेज का कनेक्शन पूर्व में गांधी मैदान में हुए नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान बम ब्लास्ट से भी जुड़ रहा है। पटना पुलिस ने छानबीन के दौरान पाया कि गांधी मैदान में बम ब्लास्ट और अन्य बम ब्लास्ट में शामिल लोगों का बेल कराने में अतहर परवेज का ही हाथ था। अतहर परवेज की आतंकी गतिविधि में संलिप्तता भी सामने आयी है। पुलिस इनके पाकिस्तान सहित कई देशों से तार जुड़े होने की जांच भी कर रही है। संभावना है कि एनआइए भी जांच कर सकती है।
दस वर्षों से रह रहा था गुलिस्तान मुहल्ले में 
कट्टरपंथी संगठन सिमी का पूर्व सदस्य अतहर परवेज को फुलवारी शरीफ के गुलिस्तान मोहल्ले पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से रह रहा था। वह कई तरह की सामाजिक गतिविधियों में भी शामिल रहता था। उसके कारनानों का खुलासा होने के बाद यहां को लोगों को यकीन नहीं हो रहा है परवेज देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था। उसके पड़ोसी और जानने वाले हैरान हैं। वहीं रिटायर्ड दारोगा मोहम्मद जलालुद्दीन नगर निकाय चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहा था। जलालुद्दीन का एक भाई पूर्व में वार्ड पार्षद रहा है।
रात में ही दोनों को भेजा गया बेऊर जेल 
अतहर परवेज और जलालुद्दीन को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने परिजनों की नजर बचा कर बुधवार की देर रात बेऊर जेल भेज दिय। जेल में दोनों को विशेष सेल में रखा गया है। देर शाम पुलिस ने जब जलालुद्दीन को थाने पर बुलाया और उसे लेकर तेजी से निकल गयी तभी परिजनों को इस बात का शक हाे गया था कि जलालुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। परिजन पुलिस का पीछा कर रहे थे. पुलिस दाेनों को गर्दनीबाग थाना ले गयी थी। उनके परिजन भी वहां पहुंच गये. इसके बाद पुलिस ने दोनों को वहां से निकाला और रास्ते में ही सारी कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों को न्यायालय में पेश कर दिया, जहां से दोनों को बेऊर जेल भेज दिया गया।
रिपोर्ट अशोक झा

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