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मोदी ने किया राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन

मोदी ने किया राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन 
-वाराणसी दौरे में PM मोदी अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और कन्वेंशन सेंटर-रुद्राक्ष पहुंचे
अशोक झा, सिलीगुड़ी: अपने वाराणसी दौरे में PM मोदी अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और कन्वेंशन सेंटर-रुद्राक्ष पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन किया। इस मौके पर कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल आधार, शिक्षा को संकुचित सोच के दायरों से बाहर निकालना और उसे 21वीं सदी के आधुनिक विचारों से जोड़ना है। हम केवल डिग्री धारक युवा तैयार न करें, बल्कि देश को आगे बढ़ने के लिए जितने भी मानव संसाधनों की जरूरत हो, हमारी शिक्षा व्यवस्था वो देश को दे। इस संकल्प का नेतृत्व हमारे शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को करना है। स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में जहाँ पहले केवल सरकार ही सब करती थी वहां अब प्राइवेट प्लेयर्स के जरिए युवाओं के लिए नई दुनिया बन रही है। देश की बेटियों के लिए, महिलाओं के लिए भी जो क्षेत्र पहले बंद हुआ करते थे, आज वो सेक्टर बेटियों की प्रतिभा के उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। कोरोना की इतनी बड़ी महामारी से हम न केवल इतनी तेजी से उबरे, बल्कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक हैं। आज हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम हैं। नई नीति में पूरा फोकस बच्चों की प्रतिभा और चॉइस के हिसाब से उन्हें skilled बनाने पर है। हमारे युवा skilled हों, confident हों, practical और calculative हो, शिक्षा नीति इसके लिए जमीन तैयार कर रही है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए देश के एजुकेशन सेक्टर में एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर overhaul पर भी काम हुआ है। आज देश में बड़ी संख्या में नए कॉलेज खुल रहे हैं, नए विश्वविद्यालय खुल रहे हैं, नए IIT और IIM की स्थापना हो रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति अब मातृभाषा में पढ़ाई के रास्ते खोल रही है। इसी क्रम में, संस्कृत जैसी प्राचीन भारतीय भाषाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। हमारे देश में मेधा की कभी कोई कमी नहीं रही है। लेकिन दुर्भाग्य से हमें ऐसी व्यवस्था बनाकर दी गई थी कि पढ़ाई का मतलब केवल नौकरी करना ही माना जाने लगा था। विश्वविद्यालयों में रिसर्च और काम करने का अच्छा स्कोप है। क्लाइमेट चेंज की इतनी चर्चा हो रही है, इस दिशा में भी अनेक शोध किए जा सकते हैं। पहले कुदरत हमारे साथ चलती थी, हम कुदरत के साथ चलते थे। आज स्थितियां बदल रही हैं।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, CM योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 29 जुलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को बने दो साल पूरे होने वाले हैं। विविधताओं भरे देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का इस प्रकार स्वागत होना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इसके पहले पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “मैं भगवान शिव की नगरी काशी आ रहा हूं…काशीवासियों के बीच रहना हमेशा खुशी की बात है।”प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया कि, पीएम आज 20 महीने पहले पद्मश्री अवार्डी बास्केटबॉल खिलाड़ी प्रशांति सिंह से किया वादा भी पूरा करेंगे। उन्होंने इंडियन महिला बास्केटबॉल टीम की पूर्व कैप्टन प्रशांति सिंह से 10 नवंबर 2020 को बात की थी। तब प्रशांति ने स्पोर्ट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग की थी। डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम के कायाकल्प के साथ प्रशांति सिंह का वह सपना आज पूरा होने जा रहा है। विजिट शेड्यूल के मुताबिक, पीएम वाराणसी के 4 घंटे के दौरे में 3 बड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री वाराणसी में सबसे पहले अक्षयपात्र किचन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में अखिल भारतीय शिक्षा कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। पीएम मोदी ने खुद ट्वीट कर कहा कि, आज दोपहर लगभग 2 बजे हम अक्षय पात्र मिड डे मील किचन का उद्घाटन करेंगे। जिसमें 1 लाख स्टूडेंट्स के लिए खाना पकाने की क्षमता होगी।’ मोदी ने कहा, ”शाम 4 बजे मैं एक कार्यक्रम में शामिल होउंगा, जिसमें करोड़ों रुपये के विकास कार्य होंगे। 1800 करोड़ का या तो उद्घाटन होगा या उनका शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं में शहरी विकास, नमो घाट का पुनर्विकास, काशी की विरासत और बहुत कुछ शामिल हैं।मोदी ने ट्वीट किया, ”जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें यातायात की भीड़ को कम करने के लिए सड़क बुनियादी ढांचे के काम, सारनाथ बौद्ध सर्किट के तहत विकास कार्य, पुरानी काशी में पर्यटन विकास कार्य और ऐसी अन्य परियोजनाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देना है।’ पीएमओ से मिली जानकारी के मुताबिक, मोदी नई दिल्ली से वाराणसी के लिए रवाना हो चुके हैं। उनकी सुरक्षा की खातिर 10 हजार जवान तैनात किए गए हैं। रिपोर्ट अशोक झा

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