North Bengal Siliguri

हरिश्चंद्रपुर में मिलावटी हल्दी का बढ़ता कारोबार प्रशाशन बेखबर।

हरिश्चंद्रपुर,13 फरवरी: पूरे हरिश्चंद्रपुर में मिलावटी हल्दी का बढ़ता कारोबार।बेखबर लोग इस मिलावटी हल्दी को खुले बाजार से खरीदते है और खाते है।

जिसके फलस्वरूप पेट के गंभीर रोगों के अलावा विभिन्न प्रकार के बीमारियों से लोग ग्रसित होते जा रहे है ।जिसके बाद हरिश्चंद्रपुर 1 नंबर ब्लॉक के मानव संसाधन विकास अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करवायी स्थानीय निवासियों ने ।स्थानीय निवासियों की शिकायत है कि हरिश्चंद्रपुर थाना अंतर्गत इस्लामपुर तिलदांगी ,रामपुर इस्लामपुर इलाको के विभिन्न मिलो में हल्दी पिसा जाता है जहाँ हल्दी के साथ धान के तना,चावल का आटा, रासायनिक रंग इत्यादि मिलाये जाते है ।यह जहरीला और मिलावटी हल्दी खुले तौर पर बाजारों में और विभिन्न छोटे छोटे बाजारों में बेची जाती है।गरीबी स्तर से लेकर मध्यम वर्ग तक लोग इन मिलावटी हल्दियों का सेवन करते है ।इस मिलावटी हल्दी का सेवन करने से इलाके में बूढे बच्चे और जवान सभी उम्र के लोग गंभीर पेट की बीमारियों के चपेट में आ रहे है।पैकेटिंग वाले ब्रांडेड हल्दी की तुलना मिलावटी हल्दी का दाम कम है जिसके कारण आम लोगो का इस हल्दी के प्रति आकर्षण अधिक है।

हरिश्चंद्रपुर बाजार में हल्दी बिक्री करने वाले मैन्युल हक़ ने बताया वे स्वयं घर मे हल्दी की पिसाई करते है,वे किसी मिल से हल्दी नही पिसवाते है।उनकी हल्दी शतप्रतिशत असली है।इसमें कोई मिलावट नही है।

रामपुर इलाके के एक हल्दी मिल के मालिक सतीश साहा ने बताया,पहले इनके मिल में हल्दी में कुछ चीजे मिलायी जाती थी भ पर अभी सुद्ध हल्दी पाउडर का निर्माण किया जाता है अभि हल्दी में किसी प्रकार की मिलावट नही की जाती है।

इलाके के एक किराना दुकान के मालिक उत्पल विस्वास ने बताया कि उनके दुकान में खुली हल्दी नही रखी जाती है।उनके दुकान में ग्राहक खुला हल्दी लेना नही चाहते है।चूंकि खुले हल्दी में मिलावट प्रचुर मात्रा में होती है।जिस वजह से वे ब्रांडेड पैकेटिंग हल्दी ही बिक्री करते है।इन हल्दियों का दाम थोड़ा अधिक होता है पर यह स्वास्थ्य के लिए अनुकूल है।

हरिश्चंद्रपुर थाना इलाके से जुड़े विभिन्न विधलयो में मध्यांतर भोजन के खानों में खुले हल्दियों का उपयोग होता है।ब्लॉक मध्यांतर भोजन योजना दफ्तर से खुले मसालों के उपयोग पर साफ मनाही है ।जिसके कारण इलाके के कई स्कूलों में पैकेटिंग मसालों का इस्तेमाल किया जाता है।इस विषय पर जानकारी देते हुए हरिश्चंद्रपुर हाई स्कूल के पूर्व शिक्षक मुस्ताक अहमद ने बताया कि हमारे स्कूलों में मध्यांतर भोजन में ब्रांडेड पैकेटिंग मसालों का प्रयोग किया जाता है, जो की स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होती है।छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर वे काफी सचेत रहते है जिसके कारण प्रतिदिन शुद्ध हाइजेनिक रूप से मध्यांतर भोजन को तैयार किया जाता है।

इस विषय पर हरिश्चंद्रपुर ग्रामीण अस्पताल ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमल कृष्णा मंडल ने बताया कि मूलतः हल्दी में चावल पाउडर मिलाया जाता है तो यह पेट के लिये खतरनाक है ,यदि इसमें में रासायनिक रंगों का मिलावट होता है तो फिर यह जहर के जैसा होगा एवं इससे कैंसर होने की भी संभावना बढ़ जाती है।प्रशाशन को इस विषय की जांच करनी चाहिए एवं नजर रखनी चाहिए ।

हरिश्चंद्रपुर इलाके के रामपुर निवासी मेजरुल इस्लाम शेख, महबुल हक़ ने बताया कि इन समस्त खुले हल्दियों में चावल पाउडर, रासायनिक रंगों का मिलावट किया जाता है।यह सारी चीजें पेट के लिए खतरनाक है इससे बच्चों के स्वास्थ्य को बहुत अधिक खतरा है।इस विषय पर प्रशासन को सतर्क होना चाहिए एवं इन सब चीजो पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए।

इस विषय पर हरिश्चंद्रपुर 1 नंबर ब्लॉक के मानव संसाधन विकास अधिकारी अनिर्वाण बसु ने बताया कि हल्दी की मिलावट को लेकर एक शिकायत ब्लाक में जमा है।मैंने मामले की जांच करने हेतु स्थानीय पुलिस को आदेश दे रखा है ।

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