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सिलीगुड़ी : पैसे देकर राज्य सरकार NRC का गलत प्रचार करवा रही है , वक्त आने पर गधे को भी काका कैसे बनाया जाता है यह ममता बेनर्जी जनती हैं : दिलीप घोष

सिलीगुड़ी इनडोर स्टेडियम में भाजपा के एक पार्टी कार्यालय में शामिल होकर भाजपा राज्य अध्यक्ष और सांसद दिलीप घोष ने कुछ इसी अंदाज में तृणमूल एवं ममता बनर्जी पर निशाना साधा .

उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा कि बंगाल में कहीं पर भी किसी कारणवश मौत होती है तो तृणमूल के लोग मृतक के परिवार वालो को 2 लाख रूपये का लालच देकर मौत की वजह #एनआरसी के डर के कारण मौत हुई है.यह कहने का निर्देश दिया जाता है ”

जबकि अब तक केंद्र सरकार के द्वारा बंगाल में एनआरसी लागू करने की कोई भी कार्य शुरू ही नहीं हुई है.

उससे पहले ही तृणमूल बंगाल में एनआरसी को लेकर आम लोगों को पहले से ही डरा रही है. इसमें तृणमूल का ही फायदा है. क्योंकि एनआरसी के नाम पर तृणमूल आम लोगों से कटमनी भी वसूल रही है !

तृणमूल के कार्यकर्ता आम लोगों के घर में जाकर कह रहे हैं कि जिन लोगों के पास सरकारी प्रमाण पत्र नहीं है .उसको देश से बाहर कर दिया जाएगा एनआरसी में उनका नाम नहीं रहेगा.

इसको लेकर आम लोग वीडियो कार्यालय में सुबह से लेकर शाम तक लंबी कतारों में खड़े रहते हैं, और वहां पर तृणमूल के कार्यकर्ता आम लोगों से सरकारी प्रमाण पत्र दिलाने के नाम पर 200, 500 , अौर 1 हजार रूपये कटमनी के रूप में वसुल कर रही है.

इसके बाद दिलीप घोष ने कहा कि भाजपा की सरकार ने कहा है कि बंगाल के साथ ही पूरे देश में भी एनआरसी लागू होगी लेकिन उससे पहले सीएबी (जाति नागरिक पंजीयकरण बिल) लागू किया जाएगा.

उसके बाद पूरे देश में एक साथ एनआरसी को लागू किया जाएगा. भाजपा की सरकार ने एनआरसी को पूरे देश में लागू करने के लिए एवं दूसरे देश से आए शरणार्थियों को भी भारत की नागरिकता देने के लिए लोकसभा में एनआरसी बिल को पास करवा लिया .

लेकिन राज्यसभा में सीपीएम ,तृणमूल, और कांग्रेस ने मिलकर इस बिल को रुकवा दिया, और फिर बंगाल में तृणमूल आम लोगों को एनअारसी को लेकर डरा रही है.

इसलिए आम लोग जागरूक हो जाएं की भाजपा किसी को भी एनआरसी से बाहर नहीं करेगी.जिसके पास कागजात है अौर जिसके पास कागजात उन्हे भी भारत की नागरिकता दी जाएगी.लेकिन जो बंगालदेशी घुसपैठिया हैं अौर म्यानमार से जो रोहिंग्या गैरकानूनी रूप से भारत में हैं उनको वापस जाना ही होगा.

लेकिन एनअारएसी लागू होने के बाद गैरकानूनी रूप से रह रहे घुसपैठिया तो बाहर जाएगी ही ,उसके साथ घुसपैठिया को संरक्षण दे रहे नेताअो को भी बाहर कर देना चाहिए. जिसको मूल के साथ भव भी वसूल हो जाएंगे.

इसके बाद दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाने पर लेते हुए कहा कि ममता बनर्जी की नजर सनी की नजर है जिस पर लगी वह साफ हो गया है .जैसे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद एक समय ममता बनर्जी के साथ थे .अब वह जेल में है .वही जिन लोगों ने लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी के साथ प्रधानमंत्री मोदी को चोर कहा था. वही लोग आज मोदी के साथ खड़े हैं .

जिस ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव में मोदी को प्रधानमंत्री मानने से इंकार कर रही थी ,अमित शाह को गुंडा कह रही थी .आज वही ममता बनर्जी प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह से मिलने के लिए चिट्ठी भेजती है. घंटों तक उनका इंतजार करती हैं .मोदी और अमित शाह से मिलने के लिए दिल्ली जाती हैं. उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी के इस कथनी और करनी में फर्क देखकर यह पता चल गया कि वक्त आने पर गधे को भी काका कहा जाता है. यह आज प्रमाणित हो गया !

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