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धोनी के ग्लब्स को लेकर भारत सरकार पूरी तरह से धोनी के साथ है।

नई दिल्ली (7 जून): वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में धोनी के ग्लब्स को लेकर उठे विवाद पर भारत सरकार के खेल मंत्री ने कहा है कि धोनी ने खेल भावना या आईसीसी के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। भारत सरकार पूरी तरह से धोनी के साथ है।

भारत सरकार के मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा है कि धोनी टेरीटोरियल आर्मी के लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। सेना को लेकर उनके जज्बे को हम सलाम करते हैं। केंद्रीय मंत्री और भारत के पूर्व सेनाध्यक्ष जर्नल वीके सिंह ने धोनी का समर्थन करते हुए कहा कि इससे धोनी का सुरक्षाबलों के प्रति आदर और प्यार का पता चलता है।

कई मौैकों पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भारतीय टीम की प्रशंसा इसलिये कर चुके हैं क्योंकि वो सेना और सुरक्षा बलों के लिए पूरी तरह समर्पित रहते हैं। धोनी के अलावा सचिन भी एयरफोर्स के मानद ग्रुप कैप्टन हैं।

वो भी सेना का मनोबल बढाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। कपिल देव भी टेरिटोरियल आर्मी के मानद कर्नल का पद सुशोभित किया है।

दरअसल, बुधवार को साउथेम्प्टन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के पहले मैच के दौरान धोनी को बलिदान बैज के साथ विकेटकीपिंग करते देखा गया था।

आईसीसी ने धोनी को अपने दस्ताने से यह निशान हटाने को कहा था। लेकिन धोनी ने अपने ग्लव्स से इस निशान को हटाने से मना कर दिया। धोनी के समर्थन में पहले बीसीसीआई उतरी। बीसीसीआई की ओर से विनोद राय ने कहा, ‘हम आईसीसी को एमएस धोनी को उनके दस्ताने पर ‘बलिदान बैज’ पहनने के लिए अनुमति लेने के लिए पहले ही चिट्ठी लिख चुके हैं।’भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों के कारण 2011 में प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी गई थी।

धोनी यह सम्मान पाने वाले कपिल देव के बाद दूसरे भारतीय क्रिकेटर हैं। धोनी को मानद कमीशन दिया गया क्योंकि वह एक युवा आइकन हैं और वह युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। धोनी एक प्रशिक्षित पैराट्रूपर हैं। उन्होंने पैरा बेसिक कोर्स किया है और पैराट्रूपर विंग्स पहनते हैं।

Images Courtesy:Google

Contents Source courtesy :news24

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