North Bengal Siliguri

बागडोगरा 16साल बाद कोर्ट से मिली राहत !

बागडोगरा 16साल बाद कोर्ट से मिली राहत !

साल 2002 में हुए एक मामले में एक पिता और बेटी 16 सालो से लगा रहे थे कोर्ट के चक्कर नही मिल रही थी राहत ,

इसी बीच मुकदमा लड़ते लड़ते न्याय के आस में पिता भी गुजर गए !

बात 2002 की है बागडोगरा थाने में केस no 25(S)/02 तहत कल्पना घोष एवं भूपेन घोष के ऊपर केस दर्ज हुई !

जिसके बाद 363/365/366A/120B धारा अनुसार कोर्ट में मुकदमा शुरू हुआ ,
16 साल मुकदमा लड़ने के बाद बिना किसी सबूत के मामले की पुष्टि न हो सकी जिसके बाद दोनों को 19/03/2019 को सिलीगुड़ी कोर्ट द्वारा राहत मिली ,

कल्पना घोष का कहना है “हम लबे समय से कोर्ट के चक्कर लगा रहे थे,हमने 16 साल में एक भी दिन तारीख मिस नही किया ,शर्दी रही या बारिस हम अपने सुनवाई पर कोर्ट पहुंचते थे ,पिता जी को एक आस थी की हम बेकसूर है और न्याय जरूर मिलेगी लेकिन अफ़सोस आज पिता जी इस न्याय को देख नही पाए ,कुछ महीने पहले ही उनका देहांत हो गया, एक तरफ न्याय मिलने पर ख़ुसी है तो दूसरी तरफ पिता के खोने का दर्द !

कल्पना घोष के वकील निखिल चक्रबर्ती का कहना है “हमने कल्पना और उनके पिता को लंबे समय से परेशान देखा और अक्सर समय पर कोर्ट आ जाया करते थे ,केस में पहले से ही कोई दम नही था , लगाए गए आरोप साबित नही हुए ,
शिकायकर्ता के तरफ से पीछे 4 सालो से कोई प्रतिक्रिया नही मिल रही थी ,कोर्ट द्वारा कई बार समन भी भेजा गया ,लेकिन वो हाजिर नही हुए और नाहीं कोई आरोप से साबित हो पाया ,जिसके बाद सिलीगुड़ी कोर्ट से उन्हें राहत दे दी गई है !”

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