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काबुल हवाईअड्डे पर हुए आत्मघाती हमलों के इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत ने ली हमले की जिम्मेदारी !

इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत ने इस हमले की जिम्मेदारी 
सिलीगुड़ी: अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बा लोगों के देश से निकलने की कोशिश के बीच काबुल में एक के बाद एक हमले किए गए। आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों द्वारा भीड़ पर किए गए हमले में कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य के घायल होने की खबर है। अब इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। 

ISKP ने दावा किया है कि काबुल हवाईअड्डे पर हुए आत्मघाती हमलों में उनका ही हाथ है। इसके साथ ही आत्मघाती हमलावर की एक तस्वीर भी जारी की गई है। बताया जा रहा है कि इस हमलावर का नाम अब्दुल रहमान अल लोगहरि है और वह लोगार प्रांत का रहने वाला था। इस्लामिक स्टेट खुरासान ने अपने संदेश में लिखा कि काबुल एयरपोर्ट पर इस्लामिक स्टेट द्वारा किए गए शहादत के इस हमले में 160 अमेरिकी सैनिक और उनके सहयोगी मारे गए हैं और घायल हुए हैं।
 

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में काबुल हवाई अड्डे के पास हुए हमलों में 60 अफगान मारे गए तथा 143 अन्य घायल हुए हैं। वहीं 11 अमेरिकी नौसैनिकों और नौसेना का एक चिकित्साकर्मी भी मारे गए हैं। यह विस्फोट ऐसे समय हुआ है, जब अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद से हजारों अफगान देश से निकलने की कोशिश कर रहे हैं और पिछले कई दिनों से हवाई अड्डे पर जमा हैं।

काबुल हवाई अड्डे से बड़े स्तर पर लोगों की निकासी अभियान के बीच पश्चिमी देशों ने हमले की आशंका जतायी थी। इससे पहले दिन में कई देशों ने लोगों से हवाईअड्डे से दूर रहने की अपील की थी क्योंकि वहां आत्मघाती हमले की आशंका जतायी गई थी।कब बना आईएसआईएस- खुरासान? 

1999 में स्थापित हुए आईएसआईएस को दुनिया ने 2014 के बाद से ही जानना शुरू किया। इससे पहले सीरिया, इराक या बाकी दूसरे देशों में इसका प्रभाव नहीं था।आईएसआईएस- खुरासान, आईएसआईएस की ही एक शाखा है जिसे जनवरी 2015 में तालिबान के पाकिस्तानी सहयोगी के असंतुष्ट सदस्यों द्वारा स्थापित किया गया था, इसे तालिबान और अमेरिका का कट्टर दुश्मन माना जाता है।

खुरासान शब्द एक प्राचीन इलाके के नाम पर आधारित है, जिसमें कभी उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और ईराक का हिस्सा शामिल हुआ करता था। वर्तमान में यह अफगानिस्तान व सीरिया के बीच का हिस्सा है। 

आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल को ‘खोरासान ग्रुप’ के नाम से भी जाना जाता है। इस ग्रुप में अलग विचारधारा रखने वाले आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े लोग शामिल हैं। इस ग्रुप को मुख्य तौर पर सीरिया, खुरासान से चलाया जाता है।

News Co-Ordinator and Advisor, Khabar Aajkal Siliguri

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