Khabar Aajkal Siliguri

एटीएम से पैसा निकालने वाले गिरोह के तीन अपराधी सिलीगुड़ी से गिरफ्तार ।

एटीएम से पैसा निकालने वाले गिरोह के तीन अपराधी सिलीगुड़ी से गिरफ्तार बिहार में सक्रिय है गिरोह, पकड़े गए अपराधियों को दरभंगा ले गई बिहार पुलिससिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के प्रधान नगर पुलिस ने बिहार पुलिस को मदद करते हुए बिहार के दरभंगा थाने की पुलिस ने शहर के प्रधाननगर पुलिस की मदद से एटीएम डकैती गिरोह का भंडाफोड़ किया है | चंपासरी के एक लॉज से शुक्रवार रात तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया।

आरोपी सनी कुमार (28), राजीव कुमार (26) और राहुल राज (24) हैं। तीनों बिहार के रहने वाले हैं। पता चला है कि तीनों एटीएम पर पैसे निकालने के लिए लाइन में खड़े लोगों की मदद करने के नाम उन्हें ठग रहे थे। पिछले जुलाई में दरभंगा थाने में मामला दर्ज होने के बाद से ही पुलिस इनकी तलाश कर रही थी। मोबाइल लोकेशन के आधार पर इनकी गिरफ़्तारी हुई। तीनों को सिलीगुड़ी कोर्ट में पेश किया गया।

पुलिस दो दिन के ट्रांजिट रिमांड पर बिहार रवाना हो गई है।पैसा निकालने के लिए एजेंट भी रखे गए हैं: कंकड़बाग थाना की पुलिस ने ऐसे ही एक मामले का खुलासा किया है. एटीएम कार्ड की क्लोनिंग करने वाले जालसाज पश्चिम बंगाल में बैठकर पटना के एटीएम मशीन से रुपये की निकासी कर रहे हैं. क्लोनिंग एटीएम कार्ड को बस के जरिए पटना भेज रहे हैं. यहां उनके साथी एटीएम कार्ड को रिसीव कर रुपए की निकासी कर रहे है.

पुलिस ने पश्चिम बंगाल में बैठे जालसाज के एक साथी रौशन चंद्रा को कंकड़बाग के ऑटो स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया. उसके के पास से विभिन्न नाम के एक दर्जन से अधिक एटीएम कार्ड, आधा दर्जन से अधिक बैंकों के पासबुक और 5 हजार कैश बरामद किया गया. आरोपी रौशन मूल रूप से नालंदा के हिलसा का रहने वाला है. कंकड़बाग थानाध्यक्ष रविशंकर सिंह ने बताया कि पूछताछ में उसने सरगना से लेकर अपने अन्य साथियों का नाम भी उजागर किया है.

उसके पास से बरामद पासबुक और एटीएम कार्ड की जांच की जा रही है. अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.आसनसोल में गैंग ऑपरेटपूछताछ के दौरान पकड़ा गया आरोपी रौशन चंद्रा ने पुलिस को बताया कि गैंग का सरगना कपिल है. वह पश्चिम बंगाल के आसनसोल से गैंग को ऑपरेट करता है. रौशन उसी के लिए काम करता था. पश्चिम बंगाल में गैंग के सदस्य एटीएम में मदद के नाम पर पिनकोड पूछ कार्ड को बदल देते थे. इसके अलावा कार्ड को एक उपकरण के जरिए स्कैन कर उसका डाटा चुराते थे.

फिर डिवाइस के जरिए ब्लैंक एटीएम कार्ड की क्लोनिंग करते थे, जो अलग-अलग नाम के होते थे. रौशन के पास बरामद एटीएम कार्ड अलग लोगों के नाम से है. उन कार्ड को बस के जरिए रौशन तक भेजा जाता था.एक हजार कमीशनपूछताछ में पता चला कि कपिल रौशन को एक बार एटीएम कार्ड से निकासी करने पर एक हजार रुपए बतौर कमीशन देता था.

रौशन रुपए निकालकर उसके द्वारा दिए गए अकाउंट नंबर में जमा करा देता था. वह एक महीने में डेढ़ से दो लाख रुपए की निकासी करता था. रौशन की तरह कई अन्य लोग कपिल के लिए काम करते हैं, लेकिन रौशन उन लोगों के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पाया.

गैंग में एक दर्जन सदस्यपुलिस सूत्रों की मानें तो कपिल के साथ गिरोह में एक दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं. इनमें नालंदा, नवादा, पटना से लेकर झारखंड तक के ठग जुड़े हैं. गिरोह एक दिन में आधा दर्जन से अधिक लोगों के साथ ठगी करता है.

News Co-Ordinator and Advisor, Khabar Aajkal Siliguri

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *