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अफगानिस्तान में कब्जे के बाद तालिबान के क्रूर शासनकाल की हुई शुरुआत।

अफगानिस्तान में कब्जे के बाद तालिबान के क्रूर शासनकाल की हुई शुरुआत।

बता दे की,अफगानिस्तान में कब्जे के बाद तालिबान के क्रूर शासनकाल की शुरुआत हो चुकी है। जहा,पुरानी पीढ़ी तालिबान की अति रूढ़िवादी सोच को याद कर डरी और सहमी हुई है।

वही, तालिबान की रूढ़ीवादी और मध्यकालीन विचारधारा के डर से माहौल ऐसा है कि देशवासी और विदेशी अफगानिस्तान छोड़कर कहीं बाहर बस जाना चाहते हैं। खासकर महिलाएं तालिबान के अत्याचार से खौफ में हैं। महिलाओं को असुरक्षा का डर सता रहा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद महिलाओं को लेकर आज भी तालिबान अपने रुख पर कायम है।

इसी के साथ साथ,जो अब काबुल में देखने को मिला रहा है, जहां विज्ञापनों और पोस्टरों में महिलाओं की तस्वीरों पर पेंट किया जा रहा है।

हालाकी,काबुल में तालिबान के नियंत्रण के बाद आतंकी संगठन के लड़ाके महिलाओं की तस्वीरों पर पेंट करते नजर आए। काबुल की सड़कों पर जिन विज्ञापनों और पोस्टरों पर महिलाओं की तस्वीरे लगी थीं, उन्हें हटा दिया गया या उसपर कालिक पोत दी गई। 

देखिए,वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बिल्डिंग पर छपी महिला की तस्वीर पर काला पेंट कर दिया गया। इसके अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी विज्ञापनों और पोस्टरों पर महिलाओं की तस्वीरों को पेंट कर दिया गया। एक जगह दुल्हन की पोशाक के विज्ञापनों में खुले बालों वाली महिलाओं को सफेद रंग से ढक दिया गया।

इस संदर्भ में,तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा, ‘इस्लामिक अमीरात शरीयत के ढांचे के भीतर महिलाओं के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी बहनों, हमारी महिलाओं को समान अधिकार होंगे और वे उनसे लाभ उठा सकेंगी।’ मुजाहिद ने यह भी कहा कि महिलाओं के बारे में जो भी चिंता अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को हो सकती है, तालिबान उन्हें आश्वस्त करना चाहता है कि महिलाओं के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि हमारी महिलाएं मुस्लिम हैं जो शरीयत (कानून) के ढांचे के भीतर रहकर खुश होंगी।

News Co-Ordinator and Advisor, Khabar Aajkal Siliguri

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